कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों के साथ अन्याय हुआ है। राहुल गांधी के अनुसार, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार ने छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया।
राहुल गांधी का एक्स पोस्ट
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2026
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया,किसी माँ ने गहने बेचे,लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के बावजूद पेपर माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, हर बार दोषी बच निकलते हैं जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था में छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर कर रही हैं और युवाओं के भविष्य को असुरक्षित बना रही हैं।
परीक्षा रद्द होने से बढ़ी छात्रों की चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित होने की स्थिति में लाखों छात्रों पर मानसिक और आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मेहनत और प्रतिभा की जगह पैसे और पहुंच का असर होगा, तो शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का दावा किया गया ‘अमृतकाल’ युवाओं के लिए मुश्किलों और असुरक्षा का दौर बनता जा रहा है।













































