बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया में डीएम मंगला प्रसाद सिंह का एक बार फिर अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त तेवर देखने को मिला है। डीएम मंगला ने विकास भवन सभागार में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं प्रोबेशन/महिला कल्याण विभाग के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने योजनाओं की प्रगति धीमी मिलने और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक कर सभी पेंशनरों का सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो लाभार्थी अपात्र हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनका नाम सूची से हटाया जाए तथा जो पात्र व्यक्ति अब तक योजना से वंचित हैं, उन्हें तत्काल लाभान्वित किया जाए।
इस दौरान जिला समाज कल्याण विभाग के प्रधान लिपिक संजय राय, कनिष्ठ लिपिक विकास पाठक समेत कुल सात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी ग्राम पंचायतों में सत्यापन कार्य पूरा होना चाहिए और इसकी दैनिक प्रगति रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सही ढंग से प्रस्तुत न कर पाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को कठोर चेतावनी जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
अभ्युदय योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नए सत्र में अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को मेहनत और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत देते हुए कहा कि विभाग से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रगति बेहतर होनी चाहिए। वहीं जिला प्रोबेशन एवं महिला कल्याण विभाग की कन्या सुमंगला योजना में कम लाभार्थी पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सरकार की महत्वपूर्ण और लाभकारी योजना है, इसलिए अधिक से अधिक पात्र लोगों को इसका लाभ दिलाया जाए। साथ ही यह भी जांच करने के निर्देश दिए कि किन ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों से आवेदन नहीं आए हैं, ताकि वहां विशेष अभियान चलाया जा सके।










































