पेट्रोल मत जलाओ, सोना मत खरीदो, बस शराब पियो, बलिया के धरने से सरकार की नीतियों पर करारा तंज, प्रशासन के खिलाफ महिलाओं ने किया शुद्ध बुद्धि यज्ञ

बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में शराब की दुकानों को बंद कराने और उन्हें आबादी से दूर शिफ्ट करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शहर कोतवाली थाना अंतर्गत बेदुआ बंधे पर स्थित देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के खिलाफ चल रहे धरने के 13वें दिन क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के विरोध में शुद्ध बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया।

लगातार 13 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन में अब क्षेत्र की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में मोर्चा संभाल लिया है। आंदोलित महिलाओं ने हनुमान मंदिर के बाहर बैठकर आबकारी विभाग की शुद्ध बुद्धि यज्ञ किया।

सड़क पर अर्धनग्न पड़े रहते हैं शराबी, महिलाओं का निकलना दूभर

धरने पर बैठी महिलाओं का सीधा आरोप है कि बेदुआ बंधे पर शराब की दुकान होने की वजह से स्थानीय महिलाओं और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन शराबी यहां मारपीट, गाली-गलौज और महिलाओं के साथ अभद्रता करते हैं। आलम यह है कि नशेड़ी अर्धनग्न अवस्था में सड़क पर गिरे रहते हैं, जिससे यहां से गुजरना भी मुहाल हो गया है।

आक्रोशित महिलाओं ने प्रशासन को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि आज हमने प्रशासन के खिलाफ शुद्ध बुद्धि यज्ञ किया है। पिछले 13 दिनों से हम धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो यह आंदोलन और उग्र होगा। अब यह आर पार की जंग है जिसका खामियाजा प्रशासन को भुगतना होगा।

गिरजा शंकर राय के नेतृत्व में एकजुट हुए लोग

आपको बता दे की यह धरना प्रदर्शन स्थानीय निवासी गिरजा शंकर राय के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। जहां अब भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग सड़क पर उतर चुके हैं। गिरजा शंकर राय ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक प्रशासन के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा।

यह क्रांतिकारियों की धरती है, प्रशासन नहीं झेल पाएगा बलिया का ताप

इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने युवा समाजसेवी सागर सिंह राहुल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के आक्रोश को पूरी तरह जायज ठहराते हुए शराब दुकानों को हटाने की मांग की। सागर सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने मांगे नहीं मानी तो यहां का ताप जिला प्रशासन झेल नहीं पाएगा। बलिया क्रांतिकारियों की धरती है जब इस जिले के लोग देश को अंग्रेजों से आजाद कर सकते हैं तो शराब की दुकान हटवाने में देर नहीं लगेगी।

सागर सिंह ने सरकार की नीतियों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर शराब की दुकान खुलवाने की मांग होती तो शायद अब तक पूरी हो गई होती, लेकिन हटाने की मांग है इसलिए सब खामोश है। प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न अपीलों पर निशाना साधते हुए सागर सिंह ने कहा, सरकार चाहती है कि पेट्रोल मत जलाए, सोना मत खरीदे, सब्जी में तेल कम डालिए, बच्चों को शिक्षित मत बनाइए, अशिक्षित रहिए और शराबी बनिए। ऐसा लगता है जैसे शिक्षित नहीं बल्कि शराबी बनाने की योजना चल रही है। उन्होंने अंत में जिला प्रशासन से अपील की कि वे बलिया की जनता की जागरूकता और अपने बच्चों के भविष्य की चिंता को समझें और इन शराब की दुकानों को किसी एकांत स्थान पर शिफ्ट करें।