गोरखपुर। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा के निर्देश पर बुधवार को जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों सहित प्रत्येक ब्लॉक के एक राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज में मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया। आगामी 28 मई को प्रस्तावित मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के उपलक्ष्य में हुए इस आयोजन के दौरान करीब बीस हजार किशोरियों को एक ही दिन में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श व दवाएं दी गयीं। इस दौरान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क सेनेटरी पैड भी वितरित किए गए। किशोरियों की आंखों की जांच हुई और चश्मे वितरित किए गए।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में हुए आयोजन में करीब 2200 किशोरियों ने हिस्सा लिया, वहीं जिले के सभी ब्लॉकों में गर्ल्स इंटर कॉलेज में करीब 17000 छात्राओं ने जनजागरूकता व स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। सरदारनगर के डुमरी खास स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हुए आयोजन में जिला स्तरीय टीम ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ सर्वजीत प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद, आरबीएसके योजना की डीईआईसी मैनेजर डॉ अर्चना, मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता डॉ सूर्य प्रकाश, जेई एईएस कंसल्टेंट डॉ सिद्धेश्वरी सिंह और ब्लॉक स्तरीय टीम के सहयोग से किशोरियों को वृहद स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जा सकी। इस अवसर पर मासिक धर्म स्वच्छता के साथ-साथ एनीमिया और संचारी रोगों से बचाव के बारे में भी किशोरियों को जागरूक किया गया।
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डॉ झा ने बताया कि स्कूल-कॉलेज में 28 मई के अवकाश को देखते हुए मासिक धर्म स्वच्छता संबंधित आयोजन अभी से शुरू कर दिए गये हैं। आरबीएसके टीम की मदद से बुधवार को जिले के सभी ब्लॉकों में यह आयोजन किए गए। सरदारनगर के डुमरी खास में हुए कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ श्वेता सिंह ने किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
किशोरियों को बताया गया कि मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक क्रिया है। मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत साफ-सफाई अति आवश्यक है। ऐसा न करने से संक्रमण का खतरा बना रहता है। मासिक धर्म के दौरान गंदे कपड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बल्कि सेनेटरी पैड का प्रयोग किया जाना चाहिए। यह पैड भी निश्चित समयावधि के बाद बदल दिया जाना चाहिए। किशोरियों को बताया गया कि मासिक धर्म स्वच्छता में लापरवारी करने पर आगे चल कर बांझपन सहित कई अन्य प्रकार की जटिल बीमारियों के होने की आशंका बढ़ जाती है।












































