गोरखपुर : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक और परास्नातक स्तर पर सीटों में बढ़ोतरी की है। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने पारंपरिक कोर्सों के साथ-साथ तकनीकी और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में स्ववित्तपोषित योजना के तहत सीटों में महत्वपूर्ण वृद्धि की है, जिससे अधिक छात्रों को कैंपस में पढ़ाई का मौका मिल सकेगा।
नए बदलावों के तहत बी.ए. ऑनर्स में नियमित के साथ 731 स्ववित्तपोषित सीटें जोड़कर कुल संख्या 3169 कर दी गई है, जबकि बी.एससी. गणित में 60 और जीव विज्ञान में 30 स्ववित्तपोषित सीटें बढ़ाई गई हैं। बीएससी गृह विज्ञान में दस और बीए जेएमसी में 20 सीटें बढ़ाई गई हैं।
प्रशासन के अनुसार इन सभी सीटों को आगामी स्नातक प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर भरा जाएगा, जिससे प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को काफी सहूलियत होगी।
इसी तरह इस बार परास्नातक स्तर के विभिन्न डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।, इस साल पारंपरिक ‘रेगुलर’ सीटों के साथ-साथ ‘स्ववित्तपोषित योजना’ के तहत भी नई सीटें अलॉट की गई हैं, जिससे कुल सीटों की संख्या में वृद्धि हुई है।
विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न संकायों में पीजी कोर्स में अब कुल सीटों की संख्या बढ़कर 5003 हो गई है, जिसमें 2791 रेगुलर सीटें और 1624 स्ववित्तपोषित सीटें हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कला, विज्ञान, वाणिज्य और विधि संकाय समेत प्रोफेशनल कोर्सेज में सीटों का नया ढांचा तैयार किया है। एम.ए. अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, हिंदी, इतिहास, प्राचीन इतिहास, संस्कृत और समाजशास्त्र जैसे मुख्य विषयों में से प्रत्येक में 180 से 188 तक सीटें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 150 रेगुलर और बाकी स्ववित्तपोषित सीटें शामिल हैं।
बदलते दौर के साथ रोजगारपरक और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने स्ववित्तपोषित (Self-Finance) मोड में नई सीटों का बड़ा हिस्सा आवंटित किया है। कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने कई विशेष डिप्लोमा कोर्सेज में भी स्ववित्तपोषित सीटें जोड़ी हैं।
प्रो पूनम टंडन “कुलपति ” ने कहा : इस सीट वृद्धि से न केवल पूर्वांचल बल्कि बिहार और नेपाल से आने वाले मेधावी छात्रों की बड़ी संख्या को भी विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ने तथा उन्नत आधारभूत सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।”













































