गोरखपुर : उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी न देने और उन्हें रातभर गोदाम पर खड़ा रखने की लापरवाही पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने गंगा गैस एजेंसी पर **33 लाख रुपये** का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए एजेंसी की कार्यप्रणाली को गंभीर लापरवाही माना है।
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें
लंबे समय से गंगा गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं की शिकायतें आ रही थीं। लोगों ने आरोप लगाया था कि एजेंसी जानबूझकर होम डिलीवरी सेवा बंद रख रही थी और उपभोक्ताओं को गैस गोदाम पर लंबी लाइनें लगाने को मजबूर किया जा रहा था। कई बार लोग शाम से लाइन में लग जाते थे और पूरी रात खुले आसमान के नीचे इंतजार करते थे।
अमानवीय स्थिति का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, रातभर इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को सुबह यह कहकर लौटा दिया जाता था कि “गैस खत्म हो गई” या “स्टॉक नहीं है”। महिलाएं, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले उपभोक्ता इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशान थे। उपभोक्ताओं ने इसे अमानवीय और मानसिक शोषण बताया था।
बीपीसीएल की जांच में लापरवाही साबित
बीपीसीएल द्वारा कराई गई जांच में सभी आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि एजेंसी ने कंपनी के नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। होम डिलीवरी जैसी बुनियादी सुविधा में कोताही बरती गई और उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।
कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, लेकिन गंगा गैस एजेंसी ने इन निर्देशों की अनदेखी की।
भविष्य के लिए सख्त चेतावनी
बीपीसीएल ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी एजेंसी द्वारा ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एजेंसी का लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।
उपभोक्ताओं में राहत
इस कार्रवाई के बाद गोरखपुर के उपभोक्ताओं में राहत की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस परेशानी के समाधान की उम्मीद अब जगी है।
यह कार्रवाई अन्य गैस एजेंसियों के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि उपभोक्ता सेवा में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










































