UP: रायबरेली में बेटियों के जन्म पर बंटी मिठाई, कटा केक, सीडीओ अंजुलता ने खुद संभाली कमान

UP: रायबरेली जिला महिला अस्पताल में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत कन्या जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अंजुलता ने नवजात बेटियों और उनके परिजनों के साथ खुशी साझा की। अस्पताल परिसर में केक काटकर बेटियों का स्वागत किया गया तथा उन्हें उपहार और मिठाई वितरित की गई। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करना और उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का संदेश देना रहा।

40 नवजात बेटियों का जन्मोत्सव, 20 बच्चियों को किया गया सम्मानित

सीडीओ अंजुलता ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान जिला महिला अस्पताल में जन्मी 40 नवजात कन्याओं का जन्मोत्सव मनाया गया। इनमें से प्रतीकात्मक रूप से 20 बच्चियों और उनके परिवारों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर केक काटने के साथ बच्चियों को उपहार और मिठाइयां देकर सम्मानित किया गया। अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया।

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कन्या सुमंगला योजना के तहत होगा आर्थिक लाभ

कार्यक्रम के दौरान सभी नवजात बच्चियों का मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराया गया। सीडीओ ने बताया कि योजना के प्रथम चरण के तहत प्रत्येक पात्र बच्ची के बैंक खाते में जल्द ही 5,000 रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। इसके अलावा भविष्य में टीकाकरण, शिक्षा और अन्य निर्धारित चरणों में भी योजना के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

लिंगानुपात सुधारने पर प्रशासन का विशेष जोर

सीडीओ अंजुलता ने जिले के लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि रायबरेली में वर्तमान लिंगानुपात प्रति 1,000 लड़कों पर 930 लड़कियों का है। उन्होंने कहा कि इस अंतर को कम करने और बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। बेटियों के जन्म, पोषण और शिक्षा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर होंगे ऐसे आयोजन

सीडीओ ने कहा कि कन्या जन्मोत्सव जैसे कार्यक्रम केवल जिला महिला अस्पताल तक सीमित नहीं रहेंगे। आने वाले समय में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और अन्य प्रसव केंद्रों पर भी नवजात बेटियों के स्वागत के लिए इसी तरह के आयोजन किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य हर बेटी के जन्म को सम्मान और उत्सव के साथ जोड़ते हुए समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।

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