प्रशांत किशोर का बिहार पर तीखा तंज- “जाति और 5 KG भात मिल जाए तो लोग मस्त हैं”

बिहार : जन सुराज के सूत्रधार और प्रसिद्ध रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति और जनता की मानसिकता पर जमकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों को जाति और खाने के लिए 5 किलो भात मिल जाए तो वे एकदम मस्त रहते हैं। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि लोग अभी भी जाति, धर्म, RJD के डर और BJP के डर के आधार पर वोट देते हैं, जबकि विकास और भ्रष्टाचार की बात सिर्फ दिखावा है।

प्रशांत किशोर का बयान

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “बिहार में लोगों का बात करने के लिए जाति और खाने के लिए 5 KG भात मिल जाए तो एकदम मस्त हैं।”

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार के लोग जाति, धर्म, RJD के डर और BJP के डर पर वोट देते हैं। माइक देकर पूछने पर वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं- विकास, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की। लेकिन असलियत यह है कि वोटिंग के समय ये मुद्दे गौण हो जाते हैं।

“बात करने से क्या फायदा?”

प्रशांत किशोर ने कहा कि माइक देते ही लोग विकास और भ्रष्टाचार पर लंबे-लंबे भाषण देते हैं, लेकिन यह सब सिर्फ दिखावा है। उन्होंने पूछा, “ये बात करने से क्या फायदा?” उनका इशारा था कि बिहार की जनता अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक तो दिखती है, लेकिन वास्तविक चुनाव में पारंपरिक सोच और डर से ऊपर नहीं उठ पाती।

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बिहार की राजनीति पर सवाल

प्रशांत किशोर का यह बयान बिहार की वर्तमान सियासी हकीकत पर सीधा हमला माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में जाति अभी भी सबसे बड़ा फैक्टर है। RJD और BJP दोनों ही पार्टियां इस डर का फायदा उठाती हैं। एक तरफ RJD पर मुस्लिम-यादव गठजोड़ का आरोप लगता है, तो दूसरी तरफ BJP हिंदुत्व और विकास के एजेंडे के साथ वोट मांगती है।

प्रशांत किशोर का मानना है कि जब तक लोग इन डर और जातिगत समीकरणों से बाहर नहीं निकलेंगे, बिहार में सच्चा विकास मुश्किल है।

जन सुराज का एजेंडा

जन सुराज पार्टी के संस्थापक के रूप में प्रशांत किशोर पिछले कई वर्षों से बिहार में बदलाव की बात कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को अपना मुख्य एजेंडा बनाया है। इस बयान के जरिए उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि वे बिहार की पुरानी राजनीति के आदी नहीं हैं और सीधे-सीधे मुद्दों को उठाते हैं।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया की उम्मीद

प्रशांत किशोर के इस बयान पर RJD, BJP और अन्य दलों की प्रतिक्रिया आने वाली है। विपक्षी दल इसे बिहार की जनता का अपमान बता सकते हैं, जबकि समर्थक इसे सच्चाई कहकर प्रशंसित करेंगे।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं और सभी पार्टियां जातिगत समीकरणों को साधने में लगी हुई हैं। प्रशांत किशोर का यह तीखा बयान बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ने वाला साबित हो सकता है।

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