लखनऊ : उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 के तहत सर्वोच्च सम्मान मिला है। महाकुंभ-2025 के डिजिटल प्रबंधन को भारत सरकार ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड से नवाजा है। यह उपलब्धि महाकुंभ को स्वच्छता के बाद अब डिजिटल प्रबंधन के क्षेत्र में भी देश का सर्वश्रेष्ठ बनाने वाली मानी जा रही है।
महाकुंभ-2025 को सर्वोच्च सम्मान
भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड्स में महाकुंभ-2025 के डिजिटल प्रबंधन को गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया है। ‘डिजिटल महाकुंभ’ की परिकल्पना को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने से उत्तर प्रदेश सरकार की छवि और मजबूत हुई है।
विरासत और आधुनिकता का अनोखा मेल
महाकुंभ-2025 ने विरासत संरक्षण के साथ आधुनिक तकनीकी प्रबंधन का अनुपम उदाहरण पेश किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और यातायात प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संभाला गया। इस सफलता को अब राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड के रूप में पहचान मिली है।
डिजिटल महाकुंभ की खासियतें
– रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम
– AI आधारित भीड़ प्रबंधन
– डिजिटल हेल्थ कार्ड और मेडिकल सुविधा
– ऑनलाइन पंजीकरण और ट्रैकिंग
– स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम
– इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
इन सभी आधुनिक सुविधाओं ने महाकुंभ को विश्व स्तर का बना दिया।
सराहनीय टीम वर्क
इस उपलब्धि के लिए महाकुंभ प्रबंधन टीम की सराहना की जा रही है। IAS अधिकारी पी. गुरुप्रसाद, IAS विजय किरण आनंद और IAS नेहा जैन सहित पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी जा रही है। टीम ने अथक प्रयासों से महाकुंभ को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बनाया।
UP सरकार की बड़ी उपलब्धि
महाकुंभ-2025 पहले स्वच्छता अभियान में देश का ध्यान खींच चुका था। अब ई-गवर्नेंस में स्वर्ण पुरस्कार मिलने से उत्तर प्रदेश सरकार की छवि “विकसित और डिजिटल उत्तर प्रदेश” के रूप में और मजबूत हुई है।
यह पुरस्कार पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है और भविष्य में बड़े आयोजनों के डिजिटल प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में काम करेगा।













































