UP: चंदौली पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने शनिवार को जनपद के सभी मिशन शक्ति केंद्र प्रभारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े मामलों की प्रगति का आकलन किया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति केंद्रों की भूमिका केवल शिकायत दर्ज करने या समझौता कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए शुरू से अंत तक हर संभव सहायता उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है।
जांच में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
एसपी ने मिशन शक्ति के तहत निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और निर्धारित प्रारूप में तथ्य आधारित, बिंदुवार एवं समयबद्ध जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही प्रत्येक आरोप की अलग-अलग जांच कर स्पष्ट निष्कर्ष दर्ज किए जाएं, ताकि रिपोर्ट केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए।
पीड़ित महिलाओं को मिले हर स्तर पर सहयोग
बैठक में आकाश पटेल ने कहा कि महिला संबंधी मामलों में सिर्फ कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। मिशन शक्ति केंद्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सलाह, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सामाजिक सहयोग और आर्थिक सहायता जैसी सभी आवश्यक सेवाएं समय पर मिलें। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बाल कल्याण समिति (CWC), जिला प्रोबेशन विभाग, वन स्टॉप सेंटर, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
गांवों में महिला चौपाल और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने मिशन शक्ति केंद्रों के कर्मचारियों को नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना जाए और उनका त्वरित समाधान किया जाए। साथ ही महिला सुरक्षा कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाया जाए।
संवेदनशीलता और जवाबदेही से सफल होगा मिशन शक्ति अभियान
बैठक के समापन पर एसपी आकाश पटेल ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्रों को महिला अपराधों के मामलों में एक जिम्मेदार और प्रभावी इकाई के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की, ताकि महिलाओं में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण मजबूत हो सके। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चंद्रशेखर, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन सतीश चंद्र शुक्ला, महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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