लखनऊ : उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने आज अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में 29 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 28 को मंजूरी मिल गई। मदरसे से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
यूपी स्टार्टअप मिशन का गठन
कैबिनेट ने यूपी स्टार्टअप मिशन गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
– स्टार्टअप मिशन की डायरेक्टरेट बॉडी के हेड चीफ सेक्रेटरी होंगे।
– स्टार्टअप के लिए एंपावरमेंट कमेटी गठित होगी।
– इनक्यूबेटर संचालन के लिए 40 लाख रुपये वार्षिक अनुदान।
– यूपी स्टार्टअप के लिए 1000 करोड़ रुपये का फंड मंजूर।
– AKTU का 400 करोड़ रुपये का योगदान रहेगा।
समाप्त हो चुकी यूपी डाटा सेंटर नीति फिर से लागू
कैबिनेट ने समाप्त हो चुकी यूपी डाटा सेंटर नीति को पुनः लागू करने का फैसला लिया।
CM जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना
– पशुधन बीमा, नस्ल सुधार और गौशाला संवर्धन पर फोकस।
– पशुओं के बीमा में किसान का अंश केवल 15%।
– दैवीय आपदा, बीमारी और हादसे पर बीमा कवर।
– मुर्रा भैंस का बीमा मूल्य 75 हजार रुपये तय।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले
– बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी।
– फतेहपुर और गाजियाबाद में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी।
नाम परिवर्तन
– शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी।
बैठक की विशेष बात
मदरसे से संबंधित एक प्रस्ताव पर फिलहाल विचार स्थगित रखा गया। शेष सभी प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी।
गौशालाओं पर खर्च
मंत्रिमंडल की बैठक में बताया गया कि प्रदेश की गौशालाओं में वर्तमान में 1.35 लाख गायें हैं, जिनके रखरखाव पर प्रतिदिन 8 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यह कैबिनेट बैठक स्टार्टअप इकोसिस्टम, कृषि शिक्षा और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है।









































