मथुरा: नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नगर निगम अपने संसाधनों को लगातार अपडेट कर रहा है तथा नए संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं. जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही नगर निगम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.
नगर आयुक्त ने बताया कि वृंदावन की 21 प्रतिशत और मथुरा की 20 प्रतिशत सीवरेज व्यवस्था को व्यवस्थित करना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके साथ ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश मंदिर, बांके बिहारी मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम का प्रमुख लक्ष्य है.
उन्होंने बताया कि मंदिर क्षेत्रों की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा. इस टीम में करीब एक दर्जन कर्मचारी शामिल होंगे, जिनमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी रहेंगे. यह टीम नियमित रूप से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश मंदिर, बांके बिहारी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सफाई, स्वच्छता, जनसुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और ‘मेरा बजट’ प्लेटफॉर्म को भविष्य में एकीकृत कर चैटबॉट आधारित व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत सीधे नगर निगम के संबंधित सुपरवाइजर और कर्मचारी तक पहुंचा सकेंगे. शिकायत दर्ज होने पर नागरिक को एक यूनिक कोड और समस्या के समाधान की निर्धारित समय-सीमा दी जाएगी. यदि कोई कर्मचारी तय समय में शिकायत का निस्तारण नहीं करेगा तो पहले उसे नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद भी कार्यशैली में सुधार नहीं होने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
शहर में बढ़ती ई-रिक्शा अव्यवस्था पर भी नगर आयुक्त ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित होने के बावजूद कई वाहन तय मार्गों से हटकर संचालित हो रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है. इस संबंध में संबंधित विभागों के साथ चर्चा की गई है और जल्द ही प्रभावी कार्रवाई कर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा.
बरसात के दौरान शहर में जलभराव की समस्या पर नगर आयुक्त ने कहा कि उनकी तैनाती भी वर्षा ऋतु में हुई है. पहले कई क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे तक पानी भरा रहता था, लेकिन अब स्थिति में सुधार आया है. नगर निगम जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है तथा आने वाले समय में इस समस्या से भी जनता को राहत मिलेगी.
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उन्होंने कहा कि मथुरा को सुंदर, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है. निगम के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध है और राज्य सरकार से भी नई परियोजनाओं के लिए धन स्वीकृत कराया जा रहा है. आगामी तीन से चार महीनों में सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्ट्रीट लाइट, प्रमाण-पत्रों से जुड़े कार्यों और अन्य नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा.
नगर आयुक्त ओजस्वी राज की बड़ी घोषणाएं
• जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान, हर शिकायत को मिलेगा यूनिक कोड.
• वेबसाइट, ऐप और चैटबॉट के जरिए सीधे निगम तक पहुंचेगी शिकायत.
• तय समय में काम नहीं करने वाले कर्मचारियों पर नोटिस के बाद सख्त कार्रवाई.
• वृंदावन की 21% और मथुरा की 20% सीवरेज व्यवस्था को किया जाएगा व्यवस्थित.
• श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश और बांके बिहारी मंदिर के लिए बनेगी विशेष निगरानी टीम.
• करीब 12 कर्मचारियों की टीम में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी रहेंगे.
• ई-रिक्शा की अव्यवस्था पर होगी प्रभावी कार्रवाई.
• जलभराव की समस्या से राहत के लिए नई कार्ययोजना पर काम.
• अगले 3 से 4 महीनों में सफाई, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में दिखाई देगा बड़ा सुधार.
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