UP: चंदौली में जगदीश सराय से मधुपुर होते हुए वृद्धाश्रम और बबुरी की ओर जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाली का सामना कर रही है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क करीब 50 गांवों को जोड़ती है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं।
बड़े वाहनों से लगता है जाम, हादसे का भी खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों के कारण बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान कई बार जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। सुबह और शाम के समय यातायात का दबाव अधिक होने से समस्या गंभीर हो जाती है। बारिश के बाद जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के फिसलकर घायल होने का खतरा बना रहता है।
वृद्धाश्रम और स्कूल जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत
स्थानीय निवासी राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा के मुताबिक, सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त ढलान नहीं होने से बारिश के पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि सड़क खराब होने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इस मार्ग से वृद्धाश्रम आने-जाने वाले बुजुर्गों के अलावा आसपास के प्राथमिक विद्यालय के छोटे बच्चे भी गुजरते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार फिसलने के कारण बच्चे और बुजुर्ग चोटिल हो चुके हैं।
स्कूल के आसपास भी नालियों की स्थिति खराब
ग्रामीण कुमार केशरी ने बताया कि क्षेत्र में सड़क के साथ नाली और खड़ंजे जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल हैं। सड़क से करीब 100 मीटर अंदर स्थित मिडिल स्कूल के आसपास नालियों में गंदगी जमा है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यह मार्ग एनएच-2 से मधुपुर और बहेरा होते हुए भारतमाला एक्सप्रेसवे से भी जुड़ता है, जिससे इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।
पीडब्ल्यूडी और प्रशासन से शिकायत, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की खराब हालत और जलभराव की समस्या को लेकर पीडब्ल्यूडी समेत जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। अब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही गड्ढों की मरम्मत, सड़क पर उचित ढलान और पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था कराने की अपील की है।












