राहुल गांधी द्वारा राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर मोदी सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाए जाने पर फ्रांस सरकार ने बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है। फ्रांस सरकार ने कहा है, ‘हमने भारतीय संसद में श्री राहुल गांधी के बयान को देखा-सुना। फ्रांस और भारत के बीच 2008 में एक सुरक्षा समझौता हुआ था, जिसके चलते दोनों देश सभी सुरक्षा उपकरणों की ऑपरेशनल तथा सुरक्षा क्षमताओं को प्रभावित कर सकने वाली पार्टनर द्वारा उपलब्ध करवाई गई गोपनीय जानकारी को छिपाने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य हैं। यही प्रावधान स्वाभाविक रूप से 23 सितंबर, 2016 को हुए उस सौदे पर भी लागू होते हैं, जो 36 राफेल विमानों तथा उनके हथियारों की खरीद के लिए हुआ।’
that could impact security and operational capabilities of the defence equipment of India or France. These provisions naturally apply to the IGA concluded on 23 September 2016 on the acquisition of 36 Rafale aircraft and their weapons: France statement 2/2 https://t.co/vhHhAi9fMi
— ANI (@ANI) July 20, 2018
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनसे कहा है कि राफेल जेट विमान पर भारत के साथ उनका कोई भी गोपनीय समझौता नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बारे में देश से झूठ बोला है। राहुल ने लोकसभा में सत्ता पक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा, “मैंने व्यक्तिगत तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनसे पूछा कि क्या भारत के साथ कोई गोपनीय समझौता हुआ है। उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसा कोई भी गोपनीय समझौता दोनों देश के बीच नहीं हुआ, उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कहना में कोई हिचक नहीं है और मैं ऐसा देश को बता सकता हूं।”
राहुल ने लोकसभा में सत्ता पक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा, “मैंने व्यक्तिगत तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनसे पूछा कि क्या भारत के साथ कोई गोपनीय समझौता हुआ है, उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसा कोई भी गोपनीय समझौता दोनों देश के बीच नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कहना में कोई हिचक नहीं है और मैं ऐसा देश को बता सकता हूं।”
राहुल ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में प्रति विमान की कीमत 520 करोड़ रुपये थी लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस गए और कुछ ‘जादुई’ शक्ति के साथ प्रति विमान इनकी कीमत 1600 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने कहा,”रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण यहां है, उन्होंने कहा था कि वह मूल्य के बारे में बताएंगी लेकिन उसके बाद उन्होंने स्पष्ट तौर पर बताया कि वह ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि फ्रांस और भारत सरकार के बीच गोपनीय समझौता हुआ है।”
राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री ने देश से झूठ बोला, प्रधानमंत्री के दबाव में सीतारमण ने देश को झूठ बोला, उन्हें अवश्य ही देश को बताना चाहिए। प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री को अवश्य ही देश को बताना चाहिए,” कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा राफेल समझौते के बारे में बोलने के वक्त सत्ता पक्ष के सांसदों ने शोरगुल के साथ उनके बयान का विरोध किया।











































