क्या कभी आप पैदल चलकर ऑफिस गए हैं. अगर नहीं, तो अगली बार आप ऐसा नहीं करेंगे. क्योंकि, अलबामा के इस युवक की कहानी आपको खुद के अंदर झांकने पर मजबूर कर देगी. यकीनन यह अपने आप में पहला किस्सा है. हालांकि, दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां लोग समय से ऑफिस पहुंचते हैं. लेकिन, अलबामा के वाल्टर कार्र को जॉब के पहले ही दिन उनकी कार ने धोखा दिया तो पैदल चलकर ही अपने घर से ऑफिस पहुंच गए. वाल्टर कार्र का ऑफिस घर से 32 किमी दूर है.
वाल्टर एक दिन पहले ही शाम को निकल गया, रास्ते में कार खराब हो गई. तो उसने यह दूरी 7 घंटे में पैदल ही पूरी की. सुबह 4 बजे वह ऑफिस पहुंच गया. थकने की वजह से वह बेलहॉप्स के ऑफिस के बाहर ही बैठ गया. वहां से पुलिस की पेट्रोलिंग टीम गुजर रही थी. उन्होंने पूछताछ की तो वे वाल्टर के कायल हो गए. जाते समय भी एक पुलिसवाले ने उसकी मदद की. उसने भी वाल्टर की कहानी सुनी और फेसबुक पर शेयर कर दी. कंपनी के सीईओ लूक मार्कलिन ने यह स्टोरी पढ़ी तो वे बहुत प्रभावित हुए और अपनी कार वॉल्टर को गिफ्ट दे दी. कहा- ऐसे एम्प्लॉई कम ही होते हैं.
कार खराब होने पर वॉल्टर घबराए नहीं बल्कि ऑफिस समय पर पहुंचने का निर्णय लिया. इसलिए वॉल्टर रात को ही पेल्हाम शहर स्थित अपने ऑफिस के लिए रात को ही निकल पड़े. आपको बता दें कि अलबामा स्थित वॉल्टर के घर और ऑफिस की दूरी 20 मील (करीब 32 किलोमीटर) थी. हालांकि वॉल्टर ने पैदल ऑफिस निकलने से पहले उसने एक कार चालक से लिफ्ट मांगी थी लेकिन बात बनी नहीं बल्कि वाल्टर की यह यात्रा उनके लिए एक यादगार यात्रा बन गई. वॉल्टर अलाबामा से साउथ पेलहम के लिए बीते शुक्रवार रात 11:30 बजे निकले उनके काफी देर चलने के बाद वह थककर एक ग्राउंड में बैठ गए. उसी वक्त वहां के स्थानीय पुलिस अधिकारी मार्क नाइथेन पेट्रोलिंग कर रहे थे. उन्होंने उसे देखा और पूछताछ की वॉल्टर की पूरी कहानी जानने के बाद उन्होंने उसकी मदद करने की सोची.
मार्क ने वॉल्टर को कुछ खाने को दिया और कुछ देर आराम करने के लिए एक चर्च में भी ठहराया. दरअसल, वॉल्टर की शिफ्ट सुबह आठ बजे शुरू होनी थी. इसलिए उसके पास में कुछ वक्त था. लिहाजा वह इसके लिए राजी हो गए. इन सभी कोशिशों के बाद वाल्टर सुबह 4 बजे ऑफिस पहुंच गए. वापसी के समय भी वॉल्टर के पास कोई कार नहीं थी इसलिए उसको पैदल ही आना पड़ा. लेकिन, यहां पर उनकी मदद के लिए एक पुलिसकर्मी मिल गया. वह भी वॉल्टर की कहानी से काफी प्रभावित हुआ और उसने उनकी कहानी को फेसबुक पर शेयर कर दिया. इस स्टोरी को जब वॉल्टर की कंपनी के सीईओ लूक मार्कलिन ने पढ़ा तो वह वाल्टर से प्रभावित हुए और उन्होंने अपनी गाड़ी वॉल्टर को गिफ्ट कर दी. सीईओ ने कहा कि ऐसे एम्प्लॉय कम ही होते हैं. लेकिन जो होते हैं उनकी इज्जत जरूर करनी चाहिए. इस तरीके के कर्मचारी सबके लिए रोल मॉडल होते हैं. वॉल्टर का कहना है कि मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो आसानी से हार मान ले, मैं हार मानने वाला इंसान नहीं हूं. मैं तभी हार सकता हूं जब खुद हार मान लूं.
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