उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक महिला सिपाही से छेड़छाड़ और मारपीट की घटना सामने आई थी। जिसके बाद इस मामले ने सोशल मीडिया पर काफी तूल पकड़ा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के एसपी ने महिला सिपाही को बुलाकर उससे तहरीर मांगी थी लेकिन पीड़िता किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहती। पीलीभीत एसपी ने उसे काफी समझाया लेकिन वो एफआईआर के लिए तहरीर देने को राजी नहीं हुई।
ये है मामला
अमर उजाला अखबार की खबर के मुताबिक, शनिवार रात महिला सिपाही बरेली से पीलीभीत आ रही थी। बरेली से बस निकलने के बाद ही शोहदों ने महिला सिपाही से छेड़खानी शुरू कर दी। महिला सिपाही के विरोध के बावजूद उनकी हरकतें नहीं रुकी तो उसने एक शोहदे को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर बस में हंगामा शुरू हो गया लेकिन कुछ यात्रियों ने बीचबचाव कर शोहदों को अलग बैठा दिया। इस घटना से बौखलाए शोहदों ने अपने साथियों को फोन करके नवाबगंज में हाईवे पर बुला लिया। जैसे ही बस नवाबगंज बाईपास चौराहे पर पहुंची तो उन्होंने बस रुकवा ली, नीचे पहले से खड़े उनके पांच-छह साथी भी बस में घुस आए। उन्होंने ड्राइवर से बस की चाबी छीनने की कोशिश करते हुए महिला सिपाही को थप्पड़ पर थप्पड़ जड़ने शुरू कर दिए। उसके साथ छेड़खानी भी की।
घटना के बाद नवाबगंज के प्रभारी निरीक्षक ने महिला सिपाही से तहरीर मांगी लेकिन तो उसने नहीं दी। इसीलिए पुलिस ने पकड़े गए छेड़खानी के आरोप में दो युवकों का शांतिभंग में रविवार को चालान कर दिया। पीलीभीत पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि एफआईआर को जरूरी बताने पर भी सिपाही तहरीर देने के लिए राजी नहीं हुई।
एसपी ने समझाने पर भी नहीं दी तहरीर
मामले की जानकारी देते हुए पीलीभीत एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि कुछ लोगों ने शराब के नशे में महिला सिपाही से बदतमीजी की थी। मैंने सिपाही को बुलाकर विधिक कार्रवाई कराने के लिए तहरीर देने को कहा लेकिन वह राजी नहीं हुई। बरेली के एसएसपी से भी बात हुई है। बरेली के एसएसपी ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।













































