गोरखपुर, 29 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों बुधवार को जन समर्पित हुए गंगा एक्सप्रेसवे के जरिये न केवल पूर्वांचल और राज्य पश्चिमी हिस्से की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी बल्कि इससे पूर्वांचल की आर्थिकी को भी रफ्तार मिलेगा। हाल के कुछ सालों में इंडस्ट्री के हब के रूप में विकसित हो रहे गोरखपुर में तैयार उत्पादों को, गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से अब और आसानी से पश्चिमी यूपी व एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) भेजना सुगम हो जाएगा। कनेक्टिविटी की नई श्रृंखला का सबसे फायदा यहां के कृषि और औद्योगिक जगत को मिलेगा। कृषि और औद्योगिक उत्पादों की सप्लाई चेन अब और आसानी तथा तेजी से काम करने लगेगी।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल के लिए पहले से दो एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और इससे कनेक्ट गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की सौगात दे रखी है। इसकी कनेक्टिविटी का पूरा फायदा आमजन के साथ उद्योग-व्यपार जगत को मिल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे से भी उद्योग-व्यापार के क्षेत्र को खासा लाभ मिलेगा। लिंक एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होकर रायबरेली या वाया लखनऊ, गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तैयार माल काफी कम समय में एनसीआर और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों में भेजा जा सकेगा। इसी तरफ एनसीआर या इससे होते हुए अन्य राज्यों से यहां खपत होने वाले माल को मंगाने में आसानी हो जाएगी।
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श्री अग्रवाल का अनुमान है कि माल भेजने और मंगाने में 50 प्रतिशत तक समय की बचत हो जाएगी। हाल के सालों में गोरखपुर में बने रेडीमेड गारमेंट्स की सप्लाई नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिम के अन्य जिलों में हो रही है। कृषि उत्पादों और टेक्सटाइल की सप्लाई का काम यहां पहले से होता रहा है। गोरखपुर में तीव्र औद्योगिक विकास के बाद इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट की भी आपूर्ति एनसीआर और अन्य जिलों तक हो रही है। यह सप्लाई चेन गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से जुड़ेगी तो यहां की आर्थिकी को नया विस्तार मिल जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज से एक लिंक रोड प्रस्तावित है जो इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (गाजीपुर-लखनऊ) में सीधे जोड़ेगी। इससे पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के अलावा अन्य जिलों तक के लिए भी यात्रा सुगम और कम समय में हो जाएगी। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के पास एक बड़ा इंटरचेंज बनाया गया है जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से भी जुड़ता है। इससे पूर्वांचल के लोगों का नोएडा या दिल्ली पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, भविष्य में प्रस्तावित शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस वे (जो गंगा एक्सप्रेसवे से भी बड़ा होगा) के साथ मिलकर, यह पूरे पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम यूपी को जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक कॉरिडोर बन जाएगा।














































