फर्रुखाबाद। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे पैथोलॉजी लैब और नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना पंजीकरण संचालित हो रही तीन पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक निजी लैब का कर्मचारी सरकारी लोहिया अस्पताल में मरीजों के सैंपल लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवनींद्र कुमार लोहिया अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान भर्ती बच्चों की ब्लड शुगर टेस्ट रिपोर्ट पर एक निजी लैब की मुहर लगी देख सीएमओ को संदेह हुआ। जब संबंधित लैब संचालक से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने अपनी लैब के अपंजीकृत होने की बात स्वीकार कर ली, लेकिन मौके पर आने से इनकार कर दिया।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति बनाकर कार्रवाई की। मंगलवार को निजी लैब के कर्मचारी धीरू सैनी को सैंपल लेने के बहाने लोहिया अस्पताल बुलाया गया। जैसे ही वह अस्पताल पहुंचा, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद टीम कर्मचारी को साथ लेकर उसकी लैब पर पहुंची, जहां जांच में लैब पूरी तरह अपंजीकृत मिली। तत्काल प्रभाव से लैब को सील कर दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसके बाद शहर में संचालित अन्य अवैध लैब्स पर भी छापेमारी की। अभियान के दौरान ‘माया लैब’ समेत कुल तीन पैथोलॉजी लैब्स को सील किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ये लैब बिना सरकारी अनुमति और मानकों के मरीजों की जांच कर रही थीं, जिससे लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा था।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने कहा कि जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब्स के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि बिना पंजीकरण स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से अवैध संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।









































