अमेठी: जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित है। बिजली की आंखमिचौली से ग्रामीणों के साथ किसान, विद्यार्थी और व्यापारी भी परेशान हैं। समस्या को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल के नेतृत्व में मंगलवार को तिलोई विधानसभा क्षेत्र में सैकड़ों कांग्रेसियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
कांग्रेसियों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महज पांच से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है, जबकि सरकार ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। दिन और रात बार-बार बिजली गुल होने से लोगों को उमस भरी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिजली कटौती का सबसे अधिक असर किसानों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों और व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
Also Read: UP: हाथरस सादाबाद में गरजे राकेश टिकैत, किसान महापंचायत में सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कहा कि सरकार विकास और बेहतर बिजली व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। जनता को बुनियादी सुविधा के रूप में पर्याप्त बिजली तक नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि अघोषित बिजली कटौती को तत्काल बंद कर आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली कटौती पर रोक नहीं लगी और आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।इस दौरान शकील, सुनीता सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



















































