नकली कृषि दवा का बड़ा भंडाफोड़: यूपीएल कंपनी के नाम पर बेचा जा रहा था संदिग्ध “इलेक्ट्रॉन”, ₹25 लाख से ज्यादा का माल सीज

फर्रुखाबाद। जिले में किसानों की फसलों के साथ खिलवाड़ करने वाले नकली कृषि रसायन के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग की टीम ने पपियापुर स्थित सेंट्रल जेल रोड पर संचालित मैसर्स किसान एजेंसीज पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध कृषि रसायन बरामद किया है, जिसे कथित तौर पर यूपीएल कंपनी के नाम पर बेचा जा रहा था।

जानकारी के मुताबिक, 5 मई 2026 को उप कृषि निदेशक को सूचना मिली थी कि उक्त प्रतिष्ठान पर संदिग्ध बीज शोधक रसायन “इलेक्ट्रॉन” की बिक्री हो रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने दुकान पर पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान दुकान संचालक शिवम अग्रवाल ने बताया कि उसने यह माल कन्नौज के मेरठ रोड स्थित एक ट्रेडर्स से खरीदा था। टीम ने मौके से करीब 2520 लीटर रसायन बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹25.20 लाख बताई जा रही है।

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अधिकारियों को जांच में बड़ा संदेह तब हुआ जब रसायन की बोतलों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी जरूरी जानकारी दर्ज नहीं मिली। प्रथम दृष्टया पूरा स्टॉक नकली प्रतीत होने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे माल को सीज कर दिया और उसे राजकीय कृषि रक्षा केंद्र में सुरक्षित रखवा दिया।

विभागीय अधिकारियों ने रसायन के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशी नियमावली 1971 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि किसी भी कृषि दवा या बीज शोधक रसायन को खरीदते समय बिल जरूर लें और केवल प्रमाणित कंपनियों के उत्पाद ही खरीदें। किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

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