बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बैरिया तहसील अंतर्गत आने वाला सीमावर्ती ग्राम पंचायत नौरंगा इस समय भीषण संकट के मुहाने पर खड़ा है। गंगा नदी के निरंतर हो रहे हैं कटान के कारण पूरे गांव का अस्तित्व खतरे में आ गया है। आगामी 15 जून से जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश ठाकुर ने ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त समर्थन पत्र के साथ जिलाधिकारी बलिया को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
विषम परिस्थितियों में भी यूपी के साथ रहा यह गांव, आज वजूद खतरे में
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि नौरंगा गंगा नदी के तट पर बसा उत्तर प्रदेश का इकलौता ऐसा पंचायत है, जिसने अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी हमेशा अपनी अलग पहचान बनाए रखी। विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां के नागरिकों ने कभी भी बिहार में शामिल होना स्वीकार नहीं किया और हमेशा उत्तर प्रदेश का हिस्सा बने रहने पर गर्व महसूस किया, लेकिन आज यही देशभक्त और संघर्षशील गांव गंगा के तेज बहाव और काटन की वजह से पूरी तरह विलीन होने के कगार पर पहुंच चुका है।
15 जून के बाद बढ़ सकती है तबाही, धीमी गति से चल रहा है कार्य
ग्रामीणों का कहना है कि हालांकि वर्तमान समय में कटान कुछ हद तक नियंत्रित दिखाई दे रहा है। लेकिन यह केवल तूफान से पहले की शांति जैसी स्थिति है। आगामी 15 जून के पश्चात जैसे ही मानसून सक्रिय होगा और नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि होगी वैसे ही कटान अत्यधिक तेज होने की पूरी आशंका है।
सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि वर्तमान में क्षेत्र में चल रहा कटान रोधी ठोकर निर्माण कार्य बेहद कछुआ गति से किया जा रहा है। समय अत्यंत सीमित है और यदि इसी रफ्तार से कार्य चलता रहा तो बरसात प्रारंभ होते ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाएगी इससे न केवल करोड़ो की सरकारी संपत्ति बह जाएगी बल्कि जन-धन की हानि होने की प्रबल संभावना है।
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प्रमुख मांगों को लेकर ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को सौंपा पत्रक
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग किया कि स्वयं तत्काल नौरंगा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर वस्तुस्थिति और खतरे का जायजा ले। ठोकर निर्माण कार्य की गति को कई गुना बढाकर इसे समय रहते 15 जून से पहले शीघ्र पूर्ण कराया जाए। संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदार की जवाबदेही तय करते हुए कार्य की नियमित और कड़े स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए तत्काल अतिरिक्त मशीनरी पोकलैंड मशीन और पर्याप्त संख्या में मजदूरों की व्यवस्था की जाए।
स्थानीय निवासी जयप्रकाश ठाकुर ने बताया कि यह समय अत्यंत संवेदनशील है यदि अभी कार्य की गति बढ़ाकर पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान को रोकना नामुमकिन हो जाएगा। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जनहित में तत्काल ठोकर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का पुज़ोर आग्रह किया है।












































