कायमगंज, फर्रुखाबाद। कृषि उत्पादन मंडी समिति कायमगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब बड़ा खुलासा सामने आया है। आग से तबाह हुए व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि मंडी में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की भारी लापरवाही के चलते यह बड़ा नुकसान हुआ। घटना में छह दुकानें जलकर राख हो गईं और करीब 32 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित व्यापारियों ने अब मुख्यमंत्री से मुआवजे की गुहार लगाई है।
जानकारी के मुताबिक 17 मई 2026 की रात करीब 10 बजे सब्जी मंडी क्षेत्र में अचानक आग भड़क उठी। तेज लपटों ने देखते ही देखते छह दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
इस अग्निकांड में सबसे ज्यादा नुकसान किसान फ्रूट कंपनी को हुआ है। फर्म के प्रोपराइटर इख्तेदार खां पुत्र नन्हे खां ने बताया कि उनकी दुकान में रखा फल, बारदाना और अन्य सामान पूरी तरह जल गया, जिससे उन्हें करीब 20 से 22 लाख रुपये की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत कुछ ही मिनटों में राख हो गई।
घटना के बाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी कायमगंज को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि आग से प्रभावित सभी व्यापारियों को जल्द आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी में लगी पानी की टंकी सही तरीके से काम नहीं कर रही थी। यदि समय पर पानी उपलब्ध होता तो नुकसान कम हो सकता था। इसके अलावा मंडी की बिजली व्यवस्था खराब होने, जली दुकानों की मरम्मत न होने और साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल होने का भी आरोप लगाया गया है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जली हुई दुकानों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, टीन शेड लगवाए जाएं, बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंडी में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
पीड़ित व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के फैसले पर टिकी हुई है।










































