रायबरेली: कहने को तो बिजली विभाग 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने की हुंकार भरता है, लेकिन बछरांवा कस्बे के मुख्य चौराहे की हकीकत इन दावों को चिढ़ा रही है। यहां पिछले छह महीनों से सड़क पर खड़ा एक ‘ट्रॉली ट्रांसफार्मर’ राहगीरों के लिए साक्षात यमराज बना हुआ है। शुक्रवार सुबह इस खौफनाक मशीन के भीतर एक बंदर के फंसने से हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की फुर्ती से बेजुबान की जान बच गई, वरना विभाग की लापरवाही आज किसी मासूम की बलि ले सकती थी।
मौत के मुहाने पर बछरांवा का ‘बस स्टॉप’
बछरांवा का यह मुख्य चौराहा वह केंद्र है जहां लखनऊ से रायबरेली की ओर जाने वाली रोडवेज बसें रुकती हैं। पीपल की छांव तले मुसाफिर बस का इंतजार करते हैं और ठीक वहीं पर बिजली विभाग ने मौत का यह ‘ट्रेलर’ खड़ा कर रखा है।
हादसे को दावत
शुक्रवार को पीपल के पेड़ से एक बंदर सीधे चालू ट्रांसफार्मर की जाली में जा गिरा। बंदर को तड़पता देख आसपास मौजूद लोग और बजरंग दल के कार्यकर्ता दौड़े। तुरंत पावर हाउस को सूचना देकर सप्लाई बंद कराई गई और बंदर को सुरक्षित निकालकर उसका इलाज कराया गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। नियमानुसार किसी भी ट्रॉली ट्रांसफार्मर को केवल आपात स्थिति में कुछ दिनों के लिए रखा जाता है, लेकिन बछरांवा में यह ‘अस्थाई’ जुगाड़ ‘स्थाई’ हो चुका है। विभागीय अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधे किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
24 घंटे का दावा, 6 महीने की लापरवाही
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं, लेकिन बछरांवा में विभागीय अधिकारियों की मनमानी शासन के आदेशों पर भारी पड़ रही है। राहगीरों का कहना है कि चौराहे पर हर समय खतरा बना रहता है, खासकर बारिश और भीड़ के समय।
बजरंग दल ने दी चेतावनी
स्थानीय नागरिकों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो-टूक कहा है कि यदि इस जानलेवा ट्रॉली को जल्द नहीं हटाया गया और पुराने ट्रांसफार्मर को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। बछरांवा की जनता पूछ रही है कि क्या विभाग को किसी की जान जाने के बाद ही होश आएगा?












































