फर्रुखाबाद : जनपद के स्वास्थ्य विभाग में बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत फर्रुखाबाद को नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मिल गया है। जालौन में चिकित्साधीक्षक के पद पर तैनात रहे डॉ. आनंद उपाध्याय ने सोमवार को फर्रुखाबाद पहुंचकर सीएमओ का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं, लंबे समय से जिले में सेवाएं दे रहे सीएमओ डॉ. अवनीन्द्र कुमार का स्थानांतरण कर उन्हें लखनऊ स्थित प्रशिक्षण महानिदेशालय में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में किए गए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत रविवार देर रात स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे। आदेश के अनुसार डॉ. आनंद उपाध्याय को फर्रुखाबाद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जिले के स्वास्थ्य विभाग को नया नेतृत्व मिल गया है।
गौरतलब है कि डॉ. अवनीन्द्र कुमार ने 4 जुलाई 2022 को फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार संभाला था। लगभग तीन वर्ष 11 माह के कार्यकाल में उन्होंने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन, टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के प्रयास किए गए। अब उन्हें पदोन्नति स्वरूप लखनऊ में संयुक्त निदेशक का दायित्व सौंपा गया है।
स्वास्थ्य विभाग में जारी तबादला सूची के अनुसार फर्रुखाबाद के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को बाराबंकी का मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के महिला विंग में कार्यरत चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार को अंबेडकर नगर का सीएमओ बनाया गया है।
नए सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के आगमन से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत करते हुए बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया। वहीं डॉ. अवनीन्द्र कुमार के स्थानांतरण पर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
स्वास्थ्य विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में नए सीएमओ के नेतृत्व में कई स्वास्थ्य योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।














































