गोरखपुर, 1 जून। शहर के उत्तरी छोर पर दशकों तक बदहाल रहे विशाल प्राकृतिक जलाशय, चिलुआताल को योगी सरकार ने निखरा हुआ पर्यटन स्थल बना दिया है। सीएम योगी के विजन से चिलुआताल घाट का कायाकल्प शहर के उत्तरी छोर में पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुके रामगढ़ताल की तर्ज पर कराया गया है। रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल घाट भी पर्यटन के साथ रोजगार का केंद्र बनेगा। इसके लिए घाट पर सात कियॉस्क भी बनाए गए हैं। 20.39 करोड़ रुपये से है चिलुआताल के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण मंगलवार (2 जून) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
महानगर के दक्षिणी छोर पर रामगढ़ताल पूर्वी उत्तर प्रदेश का लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुका है। अब उत्तरी छोर पर भी रामगढ़ताल सा ही नजारा चिलुआताल घाट पर दिख रहा है। पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव के अनुसार चिलुआताल के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के कार्यों पर 20 करोड़ 39 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। काम पूरा होने के बाद से ही लोग यहां आकर आनंदित हो रहे हैं। विकसित चिलुआताल घाट को औपचारिक रूप से मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि चिलुआताल भी रामगढ़ताल की तरह दशकों से उपेक्षित पड़ा रहा। योगी सरकार ने पहले रामगढ़ताल का कायाकल्प कर उसे वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया तो अब उसी तर्ज पर चिलुआताल को भी संवारा गया है। रामगढ़ताल की ही तरह चिलुआताल आगामी दिनों में मनोरंजन के साथ रोजगार का केंद्र बनेगा। इसके लिए सात दुकानें (कियोस्क) भी बनाए गए हैं। चिलुआताल घाट पर एक तरफ लोग मनोरंजन करेंगे तो वहीं दुकानों पर जायके का आनंद भी ले सकेंगे। चिलुआताल में लोगों को बोटिंग करने की भी सुविधा मिलेगी।
चिलुआताल में हुए पर्यटन विकास के कार्य
-570 मीटर पाथवे निर्माण, घाट की सीढ़ियों का निर्माण।
-इंटरलॉकिंग एवं रेलिंग का कार्य।
-घाट की सीढ़ियों पर पत्थर लगाने का कार्य।
– स्टोन पिचिंग का कार्य।
-कैरेट बोल्डर का कार्य।
-7 कियोस्क का निर्माण।
-टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण।
-गेट के सुपर स्ट्रक्चर का कार्य।
-400 मीटर एप्रोच रोड का निर्माण।
-विद्युतीकरण, पोल एवं सोलर लाइट के कार्य।
-500 मीटर साइड वाल एवं नाली निर्माण।













































