UP: बरेली में राशन वितरण में घटतौली और हेराफेरी करने वाले कोटेदारों के खिलाफ आपूर्ति विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। गरीबों को कम राशन देने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने ऐसे करीब आधा दर्जन कोटेदारों को रडार पर लिया है। अब जून माह में राशन वितरण के दौरान विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर उपभोक्ताओं के बयान दर्ज करेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए पॉश (PoS) मशीनों को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से जोड़ रखा है, ताकि पूरा वजन होने के बाद ही पर्ची निकल सके। बावजूद इसके कुछ कोटेदार तकनीकी व्यवस्था का दुरुपयोग कर उपभोक्ताओं को कम राशन दे रहे हैं।
शिकायतों के मुताबिक, कोटेदार ऑनलाइन तौल के दौरान मशीन पर पूरा वजन दिखाते हैं, लेकिन बाद में निजी कांटे पर राशन तौलते समय प्रति कार्डधारक दो से तीन किलो तक राशन कम दे देते हैं। इस वजह से लंबे समय से उपभोक्ताओं में नाराजगी बनी हुई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई है। विभागीय टीम जून में राशन वितरण के दौरान विभिन्न दुकानों पर औचक निरीक्षण करेगी। इस दौरान कार्डधारकों के बयान मौके पर दर्ज किए जाएंगे और शिकायतों के प्रमाण जुटाए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपभोक्ताओं के बयानों के आधार पर दोषी कोटेदारों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ कहा है कि गरीबों के हक के राशन में किसी भी प्रकार की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई की तैयारी से राशन डीलरों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।











































