UP: मथुरा के फलाहारी महाराज ने कहा है कि यदि मुस्लिम पक्ष न्यायालय के बाहर समझौता करना चाहते है तो हम भी तैयार हैं, आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष आपस में बैठ कर मथुरा लोक अदालत में अपना विवाद सुलझा सकते हैं, लेकिन हिंदू पक्ष लोक अदालत में हाजिर हुआ और मुस्लिम पक्ष न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। मुस्लिम पक्ष के हाजिर नहीं होने पर न्यायालय भी कोई निर्णय नहीं कर सकी।
मस्जिद के लिए मेवात में जमीन का प्रस्ताव
फलाहारी महाराज ने कहा है कि यदि मुस्लिम पक्ष समझौता करना चाहते हैं तो हम आपको 20 एकड़ जमीन मेवात में देने को तैयार है और मस्जिद बनाने में जो भी खर्चा आएगा वो भी देने को तैयार है, आप भाईचारा निभाने की बात करते हैं इसलिए हम भी भाईचारा निभाने को तैयार हैं।
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मेवात में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या ज्यादा है, आप मेवात में प्रेम पूर्वक उसमें नमाज अदा कर सकते हैं और ब्रजभूमि में भगवान श्री कृष्ण का जहां जन्म हुआ ,वहां पर श्री कृष्ण के भक्तों की जनसंख्या ज्यादा है तो हम लोग यहां पर प्रेम पूर्वक अपने कृष्ण कन्हैया को माखन मिश्री का भोग लगाना चाहते हैं, अपने भगवान का भजन कीर्तन करना चाहते हैं।
हिंदू याचिकाकर्ता ने कहा कि आपको बड़ा दिल दिखाना चाहिए,औरंगजेब के द्वारा तलवार के दम पर किए गए अवैध कब्जे को हटाना चाहिए। यदि आप मध्यस्थता के लिए अखिलेश यादव को शामिल करना चाहते हैं तो भी हमको कोई दिक्कत नहीं है।
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