UP: निलंबन पर बवाल! अमेठी में लेखपालों ने बस्ता जमा कर खोला मोर्चा

UP: आय प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में लेखपाल अरुण कुमार त्रिपाठी के निलंबन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जिलेभर में आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर दो सितंबर को उपजिलाधिकारी और लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद प्रशासन ने गौरीगंज तहसील के चार लेखपालों का अन्य तहसीलों में स्थानांतरण कर दिया, जबकि 10 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

जानिए क्या है पूरा मामला?

प्रशासन की कार्रवाई से नाराज लेखपालों ने शनिवार को अतिरिक्त क्षेत्रों का बस्ता जमा कर कार्य बहिष्कार किया और तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से उपजिलाधिकारी पंकज मिश्र को ज्ञापन सौंपकर लेखपाल अरुण त्रिपाठी का निलंबन वापस लेने की मांग की गई। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की गौरीगंज तहसील शाखा के अध्यक्ष कुलदीप यादव और मंत्री मनीष कुमार सरोज ने इससे पहले भी एसडीएम को पत्र देकर निलंबन वापस लेने की मांग की थी। संघ का कहना है कि संबंधित आय प्रमाण पत्र की जांच के बाद उसे नियमानुसार जारी किया गया था और उसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं थी।

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लेखपालों ने आरोप लगाया कि बिना आरोप पत्र दिए निलंबन की कार्रवाई की गई, जो उचित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। संघ ने बैठकों के दौरान अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए भी नाराजगी जताई है। संघ की ओर से अब प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 07 सितंबर तक अरुण त्रिपाठी का निलंबन वापस नहीं लिया गया, तो 08 सितंबर से तहसील अमेठी उपशाखा के समस्त लेखपाल तहसील स्तर के व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के साथ अतिरिक्त क्षेत्रों का बस्ता जमा कर देंगे। लेखपाल संघ ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। संघ ने कहा कि इससे उत्पन्न होने वाली स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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