लखनऊ/जौनपुर : मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने अपनी 550 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय के नाम दान कर दी है। इस उदार दान को जौनपुर समेत पूरे पूर्वांचल में सराहा जा रहा है।
राजनीतिक करियर
स्वामी चिन्मयानंद का जौनपुर से गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वे 1998 में मछलीशहर लोकसभा सीट से और 1999 में जौनपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद चुने गए थे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्होंने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री पद संभाला था। स्वतंत्र भारत में जौनपुर को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने का यह इकलौता मौका था।
विकास कार्यों में अहम भूमिका
अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान स्वामी चिन्मयानंद ने जौनपुर से मुंबई जाने वाली गोदान एक्सप्रेस ट्रेन शुरू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख नेता के रूप में अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भी सक्रिय रहे।
जौनपुर से गहरा लगाव
दूसरी बार लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी स्वामी चिन्मयानंद जौनपुर से अपना लगाव बनाए रखे। वे नियमित रूप से जौनपुर आते-जाते रहे। शिक्षा और आध्यात्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को स्थानीय लोग हमेशा याद रखते हैं।
समर्थकों की प्रतिक्रिया
स्वामी चिन्मयानंद के पूर्व प्रतिनिधि सूर्यप्रकाश सिंह मुन्ना ने कहा, “यह बेहद सराहनीय कार्य है। 550 करोड़ की संपत्ति का दान न सिर्फ समाजसेवा का उदाहरण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगा।”
स्वामी चिन्मयानंद का यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा योगदान माना जा रहा है। उनके इस कदम ने राजनीति से लेकर आध्यात्मिक जगत तक चर्चा छेड़ दी है।














































