अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने सोमवार रात काबुल के एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल (नशा मुक्ति केंद्र) पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें कम से कम 400 लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हुए। तालिबान के उप-सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि हमला स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे के आसपास हुआ और ज्यादातर मृतक नशेड़ी थे जो इलाज करा रहे थे। पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि उसकी कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों पर थी, किसी नागरिक या अस्पताल पर नहीं। पाकिस्तान ने इसे “बेबुनियाद और भ्रामक” बताया है। यह घटना फरवरी 2026 से चल रहे संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं।
तालिबान का दावा और हमले का विवरण
तालिबान के स्वास्थ्य मंत्रालय और उप-प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक ने काबुल के पूर्वी हिस्से में ओमार एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल को निशाना बनाया, जहां 2000 बेड हैं और नशेड़ियों का इलाज चल रहा था। हमले में अस्पताल की इमारत तबाह हो गई और आग लग गई। तालिबान ने दावा किया कि मरने वालों में ज्यादातर मरीज, चिकित्साकर्मी और कुछ नागरिक थे। उन्होंने इसे “नागरिकों पर जानबूझकर हमला” बताया और बच्चों सहित नागरिक मौतों का हवाला दिया। तालिबान ने कहा कि यह हमला “खुले युद्ध” की स्थिति है और वे जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखते हैं।
पाकिस्तान का जवाब और खंडन
पाकिस्तान की सेना और सरकार ने तालिबान के दावों को पूरी तरह नकार दिया है। पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि सोमवार रात की कार्रवाई में केवल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सैन्य ठिकानों और आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया, किसी अस्पताल या नागरिक इलाके को नहीं। पाकिस्तान ने इसे “झूठा और भ्रामक प्रचार” बताया और कहा कि तालिबान नागरिक मौतों का आरोप लगाकर अपनी असफलता छिपा रहा है। पाकिस्तान ने कहा कि उसकी कार्रवाई सीमा पार से हो रहे TTP हमलों के जवाब में थी और इसमें कोई नागरिक नुकसान नहीं हुआ।
संघर्ष का संदर्भ
यह घटना फरवरी-मार्च 2026 में चल रहे अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष का हिस्सा है। पाकिस्तान ने TTP के ठिकानों पर कई एयरस्ट्राइक की हैं, जबकि तालिबान ने पाकिस्तान पर सीमा पार हमलों का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने का इल्जाम लगाया है। काबुल अस्पताल हमले का दावा सबसे गंभीर आरोप है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठन इसकी स्वतंत्र जांच की मांग कर सकते हैं।
प्रभाव और आगे की संभावनाएं
हमले से अफगानिस्तान में आक्रोश है और तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने अपनी सीमा सुरक्षा बढ़ा दी है। यदि तालिबान के दावे सही साबित हुए तो अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है। दोनों पक्षों ने बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है लेकिन तनाव चरम पर है।
INPUT-ANANYA MISHRA














































