भारत ने जंग के बीच ईरान को दवाइयां भेजी,दूतावास ने पोस्ट कर कहा ‘आप दयालु हैं’

मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के 19वें दिन भारत ने मानवीय पहल करते हुए ईरान की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया. बुधवार को भारत ने तेहरान के लिए मेडिकल सहायता की पहली खेप भेजी, जो युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए राहत का महत्वपूर्ण जरिया मानी जा रही है। ईरान में भारत स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दूतावास ने इस सहायता के लिए भारतीय जनता का आभार जताया। ईरानी दूतावास ने अपने बयान में कहा कि भारत के लोगों की ओर से भेजी गई मेडिकल सहायता सफलतापूर्वक ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी तक पहुंच गई है और ये ईरानी लोगों के लिए काम आएगी. उन्होंने लिखा है कि यह मदद ऐसे समय में आई है जब देश में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव बना हुआ है. हम सभी जानते हैं कि ईरान युद्ध में है और यहां लगातार अमेरिकी-इजरायली मिसाइलें हमले कर रही हैं. सैन्य ठिकानों के अलावा आम नागरिकों को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. ऐसे में कई देशों ने मदद के लिए ईरान की ओर हाथ बढ़ाए हैं, जिनमें भारत भी एक है।

भारत ने ईरान को क्या-क्या भेजा?

भारत की ओर से ईरान को इस युद्ध और मुश्किल घड़ी में ऐसी चीजें भेजी हैं, जिनकी जरूरत उन्हें सबसे ज्यादा है. लगातार हमलों की वजह से लोग जख्मी हो रहे हैं और इस वक्त देश की जो हालत है, उसमें अस्पतालों में भी दवाओं की कमी हो रही है।ऐसे में भारत की ओर ईरान की सहायता में जीवनरक्षक दवाइयां, मेडिकल उपकरण और जरूरी स्वास्थ्य सामग्री शामिल है. इसका उद्देश्य युद्ध में घायल लोगों के इलाज और अस्पतालों की जरूरतों को पूरा करना है.
भारतीय सरकार की ओर से यह पहल मानवीय आधार पर की गई है, जिससे संकटग्रस्त लोगों को तत्काल राहत मिल सके. भारत की इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह युद्ध के बीच मानवीय सहायता का संदेश देता है।

क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब एक हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई.इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. हालात और गंभीर तब हो गए जब ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोक दी. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।भारत के अलावा कई अन्य देशों ने भी ईरान की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. बुधवार को चीन की ओर से भी मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजने की घोषणा की गई है, जबकि रूस ने चिकित्सा सहयोग और आपातकालीन उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही है. इसके साथ ही कुछ खाड़ी देशों ने भी सीमित स्तर पर दवाइयां और राहत सामग्री भेजकर सहयोग जताया है. इन प्रयासों का उद्देश्य क्षेत्र में मानवीय संकट को कम करना और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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