नई दिल्ली : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट को लेकर देश में लॉकडाउन लगने की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सख्ती से जवाब दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अलग-अलग बयान जारी कर साफ कहा कि लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव या इरादा नहीं है। तीनों मंत्रियों ने अफवाह फैलाने वालों को गैर-जिम्मेदार बताया।
रिजिजू का बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा,
“ये पूरी तरह से अफवाह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि पैनिक नहीं होना है। जमाखोरों को चेतावनी दी गई है। राज्य सरकारों से कहा गया है कि कोई भी होर्डिंग न करे। पूरी स्थिति भारत सरकार के कंट्रोल में है। पीएम खुद टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक मॉनिटर कर रहे हैं।”
हरदीप पुरी का बयान
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा,
“लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है।”
निर्मला सीतारमण का भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,
“मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं। कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि ऐसा कुछ नहीं होगा।”
अफवाह की पृष्ठभूमि
ये अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के चार दिन पहले संसद में दिए गए बयान के बाद तेज हुई थीं। पीएम ने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इस बयान को कुछ लोगों ने लॉकडाउन की अफवाह फैलाने के लिए इस्तेमाल किया।
सरकार का संदेश
तीनों मंत्रियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, पैनिक न करें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन या अन्य सामान खरीदें। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और हालात पूरी तरह काबू में हैं।
यह बयान उन राज्यों (खासकर उत्तर प्रदेश) में फैली अफवाहों के बाद आया है, जहां पेट्रोल-डीजल और LPG की किल्लत की अफवाह से पंपों पर भीड़ और पैनिक खरीदारी देखी जा रही थी।





















