ऑपरेशन से पहले गई जान! झोलाछाप के इलाज ने छीनी बहू की जिंदगी, ससुर बोले— “हालत बिगड़ी तो अस्पताल से भगा दिया”

फर्रुखाबाद। जिले में झोलाछाप और अवैध इलाज का एक और खौफनाक मामला सामने आया है। पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराई गई 26 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अब मृतका के परिजनों ने नर्सिंग होम संचालक और कथित क्लीनिक संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि बिना विशेषज्ञ डॉक्टर और एनेस्थीसिया चिकित्सक के ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई, जिससे महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई।

 

मामला 23 मई का है। राजेपुर थाना क्षेत्र के हरिहर गांव निवासी अश्वनी राठौर की पत्नी श्वेता राठौर को पथरी के इलाज के लिए लकूला मसेनी मार्ग स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। मृतका के ससुर सत्यपाल सिंह ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिदेशक को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर भारी लापरवाही बरती गई।

 

उन्होंने बताया कि 22 मई को एक क्लीनिक संचालक के कहने पर श्वेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब 8:15 बजे श्वेता को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, लेकिन वहां कोई योग्य सर्जन या एनेस्थीसिया विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। केवल कर्मचारियों और सहयोगियों द्वारा ऑपरेशन से पहले की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

 

परिजनों के मुताबिक प्रक्रिया शुरू होते ही श्वेता की हालत बिगड़ने लगी और वह जोर-जोर से चीखने लगी। जब उसकी सास ने इसका विरोध किया तो उन्हें ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि कुछ ही देर बाद महिला की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि हालत बिगड़ने पर अस्पताल कर्मियों ने जिम्मेदारी लेने के बजाय उन्हें वहां से टालने की कोशिश की।

 

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित नर्सिंग होम को सील कर दिया गया था। अब मृतका के ससुर ने राजेपुर थाने में क्लीनिक संचालक, अस्पताल संचालक और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

 

इस घटना के बाद जिले में अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों के नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के ऑपरेशन और गंभीर इलाज किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद ऐसे केंद्र लगातार चल रहे हैं।