लखनऊ : उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी नोटिसों की सुनवाई की प्रक्रिया शुक्रवार तक पूरी हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, नए आवेदनों की फीडिंग का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। 10 अप्रैल 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग ने SIR के विभिन्न चरणों की तारीखें तीन बार बढ़ाई थीं। आखिरी बार 6 मार्च से 27 मार्च तक नोटिस और सुनवाई का चरण तय किया गया था। इस दौरान आयोग ने कुल 3.26 करोड़ वोटरों को नोटिस जारी की थीं। इनमें 1.04 करोड़ वोटर ऐसे थे जो वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट से मैप नहीं हो पाए थे, जबकि 2.22 करोड़ वोटर तार्किक विसंगति (logical inconsistency) के दायरे में थे।
आयोग के सूत्रों के अनुसार गुरुवार शाम तक लगभग हर नोटिस पर सुनवाई पूरी कर ली गई है। अगले सप्ताह जब ई-रोल को फ्रीज किया जाएगा, तब नोटिस के बाद बने या हटाए जाने वाले वोटरों की वास्तविक संख्या का अंदाजा लगेगा।
86 लाख से अधिक नए वोटर कतार में
ऐसे नागरिक जिनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है और जो अर्हता रखते हैं, उनके लिए वोटर फॉर्म जमा करने का विकल्प खुला हुआ था। लेकिन 10 अप्रैल को प्रकाशित होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में केवल उन वोटरों का ही नाम जुड़ेगा, जिन्होंने 6 मार्च तक फॉर्म-6 भर दिए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पिछले साल 27 अक्टूबर को जारी तत्कालीन वोटर लिस्ट के बाद कुल 86.69 लाख फॉर्म-6 जमा हुए हैं। इनमें करीब 70.69 लाख फॉर्म ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद आए हैं।
16.33 लाख वोटरों ने बदलाव के लिए भरा फॉर्म
ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नाम हटाने के लिए करीब 2.68 लाख से अधिक फॉर्म-7 जमा हुए हैं। वहीं, 16.33 लाख वोटरों ने अपने विवरण में बदलाव के लिए फॉर्म भरा था। इनमें 1.12 लाख फॉर्म पता बदलने, 14.55 लाख विवरण ठीक करने और 31 हजार से अधिक फॉर्म वोटर आई कार्ड बदलने से जुड़े थे।
आगे की प्रक्रिया
शुक्रवार को नोटिस और सुनवाई की मियाद खत्म होने के बाद वोटर लिस्ट को फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सुनवाई अवधि में मृत्यु होने, डुप्लिकेट वोटर या जिन्होंने जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, उनका नाम लिस्ट से हटेगा। नोटिसों पर निर्णय, आवेदनों आदि को एक बार फिर री-चेक किया जाएगा ताकि कोई सही नाम न छूट सके।
इस बीच एसडीएम स्तर से बूथ लिस्ट की भी जांच की जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में 1.77 लाख से अधिक बूथ हैं। इसके बाद बूथवार वोटरों का समायोजन कर वोटर लिस्ट का डेटा वर्जन बनेगा। अंतिम जांच के बाद वोटर लिस्ट को 10 अप्रैल को सार्वजनिक किया जाएगा।
यह प्रक्रिया आगामी चुनावों के लिए स्वच्छ और शुद्ध वोटर लिस्ट तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





















