गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में शनिवार को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में कानूनगो, लेखपाल एवं नायब तहसीलदारों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंश निर्धारण, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे जनसेवा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि आम जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे में प्रमाण पत्रों के निर्गमन में अनावश्यक देरी या त्रुटि न केवल विभाग की छवि को प्रभावित करती है, बल्कि आम लोगों को भी असुविधा होती है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें और प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में जनगणना कार्यों की भी समीक्षा की गई। एसडीएम ने जनगणना कार्य में लगे लेखपालों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी लेखपाल अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे फील्ड में नियमित रूप से भ्रमण करें और जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करें। इसके साथ ही शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
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डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह ने भी बैठक में अपने विचार रखते हुए कहा कि सभी राजस्व कर्मियों को अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में वन अनावश्यक बाधा न आए।
बैठक में नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव, भागीरथी सिंह, अरविंद नाथ पांडेय, नीरू सिंह और राकेश शुक्ला सहित सभी कानूनगो एवं लेखपाल उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और एसडीएम द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।
अंत में एसडीएम ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि कार्यों की सतत निगरानी बनी रहे और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



