गोरखपुर : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध पात्रता परीक्षा (Research Eligibility Test) शुक्रवार से शुरू हो गई। परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सुव्यवस्थित प्रबंधों के बीच आयोजित की जा रही है। पहले दिन सुबह और शाम दोनों पालियों में कुल मिलाकर 86 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने अभ्यर्थियों से संवाद कर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उनकी प्रतिक्रियाएं जानी।
परीक्षा का कार्यक्रम
आज सुबह की पाली में तीन परीक्षा केंद्रों पर 10 विषयों की परीक्षा हुई। शाम की पाली में भी 10 विषयों की परीक्षा संपन्न हुई। शेष 26 विषयों की परीक्षा कल (शनिवार) होगी।
मुख्य नियंता डॉ. टी.एन. मिश्र के नेतृत्व में नियंता मंडल सुबह से ही सक्रिय रहा। शाम की पाली में एक अभ्यर्थी को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थी का मोबाइल सीज कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा की शुचिता से समझौता करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कल की परीक्षा
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि कल (शनिवार) सुबह की पाली में प्राणि विज्ञान, भूगोल, कंप्यूटर साइंस और कृषि संकाय के सभी विषय (कृषि सांख्यिकी, जेनेटिक्स, कीट विज्ञान, कृषि प्रसार, कृषि विज्ञान, कृषि इंजीनियरिंग, पशुपालन एवं डेयरी, बागवानी, पादप रोग विज्ञान, मृदा संरक्षण, मृदा विज्ञान एवं कृषि अर्थशास्त्र) की परीक्षा होगी।
दूसरी शाम की पाली में प्राचीन इतिहास, बायोटेक्नोलॉजी, व्यवसाय प्रशासन, दृश्य कला, संस्कृत, रसायन विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, फार्मेसी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की परीक्षा होगी।
अभ्यर्थियों के लिए निर्देश
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य है। प्रवेश पत्र के साथ एक वैध मूल पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) लाना जरूरी है। मोबाइल, स्मार्ट वॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है।
महत्व
यह परीक्षा विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश के लिए अनिवार्य है। शोध पात्रता परीक्षा के सफल आयोजन से गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।





















