अमेरिका-ईरान जंग के बीच सोने-चांदी में भारी गिरावट: 10 ग्राम सोना 2,490 रुपये सस्ता, 1 किलो चांदी 9,114 रुपये घटकर 2.25 लाख पर

नई दिल्ली : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के बावजूद देश में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,490 रुपये घटकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बुधवार को यह 1.46 लाख रुपये पर था।

इसी तरह एक किलो चांदी की कीमत 9,114 रुपये घटकर 2.25 लाख रुपये पर पहुंच गई। 25 मार्च को चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलो थी।

28 दिनों में भारी गिरावट
अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद पिछले 28 दिनों में सोना 15,382 रुपये और चांदी 41,000 रुपये सस्ती हो गई है। सोना अपने ऑल टाइम हाई से अब तक करीब 32,000 रुपये सस्ता हो चुका है।

कीमतों का ट्रेंड
सोना:
31 दिसंबर 2025: ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम
29 जनवरी 2026 (ऑल टाइम हाई): ₹1.76 लाख
वर्तमान: ₹1.44 लाख (उच्चतम स्तर से ₹32 हजार सस्ता)

चांदी:
31 दिसंबर 2025: ₹2.30 लाख प्रति किलो
29 जनवरी 2026 (ऑल टाइम हाई): ₹3.86 लाख
वर्तमान: ₹2.25 लाख (उच्चतम स्तर से ₹1.61 लाख सस्ती)

गिरावट के मुख्य कारण
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार आमतौर पर जंग के माहौल में सोना-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

कैश पर भरोसा बढ़ा : निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे। वे सोना-चांदी बेचकर लिक्विड कैश इकट्ठा कर रहे हैं।
प्रॉफिट बुकिंग : जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी।
ब्याज दरों का असर : अमेरिका में फेडरल रिजर्व की सख्त नीति भी कीमती धातुओं की चमक फीकी कर रही है।

एक्सपर्ट का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रह सकती है। इसलिए उन्होंने निवेशकों को फिलहाल सोना-चांदी में नया निवेश करने से बचने की सलाह दी है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय ध्यान रखें
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें : हमेशा BIS हॉलमार्क (Bureau of Indian Standards) वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है (जैसे AZ4524)।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: खरीदते समय सोने का सही वजन और उस दिन का भाव IBJA की वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोत से जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से भाव अलग-अलग होते हैं।

वर्तमान में बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को सलाह है कि वे भाव में और गिरावट का इंतजार करें या विशेषज्ञों से परामर्श लेकर ही निवेश करें।