76 करोड़ के ओवरब्रिज निर्माण में टूटी पुलिया, मथुरापुरवा गांव में मंडराया बाढ़ का खतरा; ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

बाराबंकी : जनपद की तहसील रामनगर अंतर्गत चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पास उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा 76 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। रविवार को ग्राम सभा लौहटी जई के मथुरापुरवा गांव के समीप निर्माण कार्य को आगे बढ़ाते हुए निगम द्वारा दो जेसीबी मशीनों की मदद से डामर सड़क मार्ग के बीच स्थित पुरानी पुलिया को तोड़ दिया गया।

यह पुलिया लंबे समय से क्षेत्र में जल निकासी का प्रमुख माध्यम रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के समय इसी पुलिया के रास्ते पानी का आवागमन होता था, जिससे गांव को राहत मिलती थी। अब पुलिया को हटाकर पायलिंग कार्य शुरू किए जाने से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि यदि जल निकासी का कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया तो बाढ़ आने पर सबसे पहले मथुरापुरवा गांव जलमग्न हो सकता है. मथुरापुरवा की महिला विद्यावती, राजकुमारी, पूनम, राम कुमारी, गुड्डन, विनीता, अनीता, सीमा, सावित्री, रेखा तथा ग्रामीण गुड्डू शुक्ला, सहारे, शिवमंगल, जगदीश, सुमित, ननकू, विनोद आदि का कहना है कि पुलिया तोड़ी जा रही है और यदि इसके स्थान पर दूसरी पुलिया का निर्माण नहीं किया गया तो उनका गांव बाढ़ के पानी से डूब जाएगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ओवरब्रिज निर्माण के चलते कंपनी द्वारा पुलिया हटाकर पिलर बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे पानी का प्राकृतिक रास्ता बाधित हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि पुलिया को तोड़ा जाता है तो जल निकासी के लिए वैकल्पिक पुलिया का निर्माण अवश्य कराया जाए।
ओवरब्रिज निर्माण कार्य ट्रेनिंग इंजीनियर कार्तिक शर्मा की देखरेख में चल रहा है, जो स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर कार्य की निगरानी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, चौकाघाट रेलवे क्रॉसिंग से राजेंद्र मिश्रा के आवास तक 24 पायलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस परियोजना के तहत कुल 1068 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनाया जाना है, जिसका निर्माण बीके गुप्ता एंड एसोसिएट कंपनी द्वारा किया जा रहा है।

चूंकि यह क्षेत्र घाघरा नदी के नजदीक और तराई में स्थित है, इसलिए नेपाल से पानी छोड़े जाने की स्थिति में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए क्या कदम उठाते हैं, ताकि विकास कार्य के साथ-साथ जन सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

इस संबंध में निर्माण विभाग के अधिकारी अनंत प्रताप सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका। वहीं बाढ़ खंड अधिकारी शशिकांत सिंह ने बताया कि यदि ओवरब्रिज निर्माण के दौरान पुलिया तोड़ी जा रही है तो विभाग द्वारा वैकल्पिक पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ओवरब्रिज बनने के बाद नीचे से आवागमन का महत्व कम हो जाएगा।