नोएडा फेज-2 में सैलरी बढ़ोतरी की मांग पर कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन : पथराव, गाड़ियों और बसों में आग, पुलिस पर हमला

नोएडा : नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया में सैलरी वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार सुबह हिंसक रूप ले लिया। कर्मचारियों ने सड़क जाम कर पथराव किया, कई वाहनों और बसों को आग के हवाले कर दिया तथा पुलिस की गाड़ी को पलट दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। घटना मुख्य रूप से मदरसन कंपनी के बाहर हुई, जहां सैकड़ों कर्मचारी जमा थे।

प्रदर्शन का कारण और पृष्ठभूमि

नोएडा फेज-2 का होजरी कॉम्प्लेक्स (Hosiery Complex) कई निर्यात-उन्मुख कंपनियों का केंद्र है। यहां मदरसन (Motherson), ऋचा ग्लोबल (Richa Global), रेनबो (Rainbow), पैरामाउंट (Paramount), एसएनडी (SND) और अनुभव (Anubhav) जैसी कंपनियों के लगभग 1000 कर्मचारी पिछले तीन दिनों से सैलरी बढ़ाने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे थे।

कर्मचारियों का कहना है कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी की है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। वे न्यूनतम वेतन को अनस्किल्ड वर्कर के लिए 15,220 रुपये, सेमी-स्किल्ड के लिए 16,781 रुपये, स्किल्ड के लिए 18,501 रुपये और हाईली स्किल्ड के लिए 19,426 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। कई कर्मचारी बताते हैं कि 12 घंटे की शिफ्ट के बावजूद उन्हें मात्र 9,000 रुपये महीना मिलता है, जबकि महंगाई (घर का किराया, एलपीजी सिलेंडर आदि) बढ़ने से गुजारा मुश्किल हो गया है।

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हिंसा कैसे भड़की

सोमवार सुबह करीब 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर जमा हुए। जब उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे उग्र हो गए। कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने कई निजी गाड़ियों, बसों और अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और उनमें आग लगा दी। पुलिस जब स्थिति संभालने पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन को भी पलट दिया।

पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर जिले के कई थानों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।

अन्य इलाकों में प्रदर्शन और ट्रैफिक प्रभाव

हिंसा केवल मदरसन कंपनी तक सीमित नहीं रही। सैकड़ों कर्मचारी सेक्टर-1, सेक्टर-15 और सेक्टर-62 में भी सड़कों पर बैठकर कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इससे नोएडा-दिल्ली-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने ट्रैफिक को डायवर्ट करने के निर्देश दिए हैं।

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नोएडा डीएम मेधा रूपम का बड़ा ऐलान
नोएडा जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कंपनियों के साथ बैठक में कई अहम फैसले लिए:

  •  वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी।
  • हर कंपनी में शिकायत पेटियां रखी जाएंगी।
  • कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा।
  • हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान अनिवार्य होगा।
  • कर्मचारियों को वेतन पर्ची (payslip) अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
  • ओवरटाइम पर डबल भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और बोनस समय पर देने के निर्देश दिए गए।
  • बिना वजह छंटनी नहीं होगी।

डीएम ने कर्मचारियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से काम कर रहा है। कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है ताकि कोई भी समस्या तुरंत सुलझाई जा सके।

वर्तमान स्थिति

प्रशासन और पुलिस लगातार कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कर रही है। अभी तक कोई बड़ा हादसा या गंभीर चोट की खबर नहीं है, हालांकि कुछ लोग हल्की चोटों से प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लिखित आश्वासन मिले और न्यूनतम वेतन हरियाणा के बराबर किया जाए।

यह घटना गुरुग्राम (मानेसर) में हाल ही हुए मजदूर आंदोलन की याद दिलाती है, जहां भी वेतन वृद्धि को लेकर हिंसा हुई थी। नोएडा प्रशासन अब औद्योगिक क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क है।

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