पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान समाप्त हो चुका है, जिसमें चुनाव आयोग के अनुसार 92 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। अब दूसरे चरण के मतदान 29 अप्रैल को लेकर राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज़ कर दिया है। इस बार मतदान में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही, जो चुनावी उत्साह को दर्शाती है।
अमित शाह का ममता सरकार पर हमला
एक रोडशो के दौरान अमित शाह ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी Trinamool Congress पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘गुंडाराज और सिंडिकेट’ का शासन है, जिसे भाजपा सत्ता में आते ही खत्म कर देगी। शाह ने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी अपने भतीजे को सत्ता सौंपना चाहती हैं, लेकिन यह सपना पूरा नहीं होगा।
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर भाजपा का रुख
शाह ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे उस कथित प्रचार को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा है कि भाजपा की जीत होने पर बाहरी व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर BJP सत्ता में आती है, तो मुख्यमंत्री वही होगा जो बंगाल में जन्मा हो।
टीएमसी का पलटवार और बयानबाज़ी
शाह के बयान पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह का संबोधन महिलाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस बार भी 50 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी।
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मतदान प्रतिशत और राजनीतिक दावे
पहले चरण में भारी मतदान को लेकर दोनों प्रमुख दल,भाजपा और टीएमसी, ने इसे अपने पक्ष में जनादेश बताया है। नरेंद्र मोदी ने इसे ‘परिवर्तन का संकेत’ कहा, जबकि ममता बनर्जी ने उच्च मतदान को लोगों के डर से जोड़ते हुए कहा कि मतदाता अपने अधिकारों को लेकर चिंतित हैं। उल्लेखनीय है कि 2021 के चुनावों में कुल मतदान 82.30 प्रतिशत रहा था, जबकि इस बार शुरुआती चरण में ही उससे अधिक उत्साह देखने को मिला है।
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