रायबरेली। सरेनी थाना क्षेत्र के निसगर गंगा घाट पर गुरुवार को वह मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई, जब गंगा स्नान करने गए चार दोस्तों की हंसी-ठिठोली अचानक चीख-पुकार में बदल गई। गहरे पानी की थाह न मिल पाने के कारण एक किशोर डूबने लगा, जिसे बचाने के लिए तीन अन्य साथियों ने भी अपनी जान की बाजी लगा दी। अफसोस! कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। इस दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है।
मदद की गुहार और फिर खामोशी…
रानीखेड़ा गांव के रहने वाले चार दोस्त—हरिओम (20), हरिशंकर (15), सत्येंद्र (25) और हिमांशु (20) गंगा स्नान के लिए निसगर घाट पहुंचे थे। चश्मदीदों की मानें तो स्नान के दौरान एक किशोर अचानक गहरे पानी में समाने लगा। उसे डूबता देख बाकी तीनों दोस्त उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। एक-दूसरे का हाथ थामकर लहरों को मात देने की कोशिश तो की, लेकिन गंगा का वेग भारी पड़ा और चारों गहरे जल में समा गए।
अस्पताल पहुंचते ही पसरा सन्नाटा
स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को पानी से बाहर निकाला और आनन-फानन में सीएचसी पहुंचाया। वहां हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने तीन को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने हरिओम, हरिशंकर और सत्येंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हिमांशु का इलाज अभी जारी है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही यह खबर रानीखेड़ा गांव पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। माताओं का करुण क्रंदन और परिजनों की चित्कार से हर आंख नम हो गई। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि सुबह घर से हंसते-खेलते निकले लाल अब कभी वापस नहीं लौटेंगे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है, लेकिन इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
क्या बोली पुलिस?
सीओ लालगंज अमित सिंह ने बताया कि गंगा स्नान के दौरान एक साथी को डूबता देख उसे बचाने में तीन अन्य भी डूब गए। हादसे में तीन की दुखद मृत्यु हुई है, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।”
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