बरेली : भीषण गर्मी के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अनियमित आपूर्ति के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि किसान अब अपनी मेहनत बर्बाद होती देख प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में नलकूप बिजली पर निर्भर हैं, लेकिन बार-बार हो रही कटौती और ट्रिपिंग के चलते वे सही ढंग से चल नहीं पा रहे। इसका सीधा असर खीरा, तरबूज, मूंगफली और मक्का जैसी नकदी फसलों पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर पानी न मिलने से फसल की गुणवत्ता भी गिर रही है और उत्पादन घटने का खतरा बढ़ गया है।
इसी समस्या को लेकर बिबियापुर और डौली क्षेत्र के किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी परेशानी रखी। किसानों ने बताया कि वे नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर रहे हैं, फिर भी उन्हें दिन में मुश्किल से 8-10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी बिना किसी तय समय के।
प्रदर्शन में शामिल किसानों राकेश सिंह, मनोज कुमार, पोशाकी लाल और हरेंदर सिंह ने बताया कि बिजली कभी भी चली जाती है और देर रात तक आती-जाती रहती है, जिससे कृषि कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बिजली आपूर्ति का एक निश्चित शेड्यूल तय किया जाए और ट्रिपिंग की समस्या पर तुरंत नियंत्रण किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।











































