झारखंड में महिलाओं के साथ बलात्कार के बाद बंधक बनाकर पिलाया पेशाब, पुलिस ने किया दावा

झारखंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। वहां खूंटी में पांच महिलाओं से हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस की ओर से एक सनसनीखेज दावा किया जा रहा है। इस मामले में छह आरोपियों में से पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सिंगभूम जिले के रहने वाले हैं। दोनों ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उन्होंने महिलाओं के साथ बलात्कार किया।

 

 

आरोपी उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सदस्य, पेशाब पिलाने की कोशिश की

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस घटना का वीडियो भी बनाया। इसके अलावा उन्होंने पीड़ित महिलाओं को जबर्दस्ती अपना पेशाब पिलाने की कोशिश की। ये दोनों आरोपी उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सदस्य हैं। ये दोनों पत्थलगढ़ी मूवमेंट को चलाते हैं। आरके मल्लिक ने बताया कि बाकी के चार आरोपियों की पहचान भी हो गई है। अब उन्हें खोजने का अभियान शुरू किया जाएगा।

19 जून को हुई थी वारदात, जंगल में गैंगरेप

मल्लिक ने बताया कि 19 जून को आशा किरण संस्था अपनी टीम को कोचांग ले गई थी। इस संस्था में करीब 20 महिलाएं हैं। जिन 5 महिलाओं के साथ गैंगरेप हुआ, वह भी इसकी सदस्य हैं। इस संस्था को ईसाई मिशनरी सपोर्ट करते हैं। इस संस्था की महिलाएं खूंटी में आरसी मिशन स्कूल में एक प्ले में भाग ले रही थीं, उसी दौरान बाइक पर आए हथियारबंध लोगों ने इनका अपहरण कर लिया। इन महिलाओं को ये जंगल में ले गए और इनके साथ गैंगरेप किया।

एडीजी आरके मल्लिक ने बताया, ये घटना पत्थलगढ़ी मूवमेंट चलाने वाले नेता जोन जोनास टिडू के इशारे पर हुई. माना जाता है कि ये संस्था पत्थलगढ़ी मूवमेंट का विरोध करती है. गैंगरेप मामले में पीएलएफआई के एरिया कमांडर टकला उर्फ बाजी समद के रूप में हुई है। एडीजी आरके मल्लिक ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि दुष्कर्मियों ने महिलाओं को धमकाया कि पत्थलगड़ी के खिलाफ प्रचार करती हो तो अब इसकी ये सजा भी भुगतो। बंधक बनाए गए तीन कर्मियों को भी युवकों ने पेशाब पिलाया।

मोबाइल फोन में मिला दुष्कर्म का वीडियो

महिलाओं से दुष्कर्म का वीडियो आरोपियों के मोबाइल से बना था। हालांकि इन लोगों ने फोन के मेमोरी कार्ड को तोड़ दिया था, लेकिन वीडियो फोन की मेमोरी में रह गया। पुलिस ने उस वीडियो को मोबाइल समेत जब्त किया है।