UP: बरेली (Bareilly) जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्ति की ओर बढ़ने के साथ ही अधिकांश पंचायतों में नई विकास योजनाओं को लेकर उदासीनता बढ़ गई है। स्थिति यह है कि नए वित्तीय वर्ष के लिए बनाई जाने वाली कार्ययोजना अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, जिससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत को मार्च माह तक आगामी वर्ष की विकास कार्ययोजना तैयार कर उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है। इसी कार्ययोजना के आधार पर केंद्रीय वित्त आयोग और अन्य योजनाओं का बजट जारी किया जाता है। लेकिन इस बार अधिकांश पंचायतों में प्रक्रिया अधूरी पड़ी हुई है।
बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में कई प्रधान नई योजनाओं में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कुछ प्रधानों ने शासन को पत्र भेजकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग भी की है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इसी कारण विकास योजनाओं को लेकर पंचायतों में सुस्ती बनी हुई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने पंचायत सचिवों और एडीओ पंचायत को निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे ग्राम प्रधानों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार कराएं, ताकि गांवों में सड़क, नाली, पेयजल और सफाई जैसी योजनाएं प्रभावित न हों।
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यदि समय रहते योजनाएं अपलोड नहीं हुईं तो पंचायतों को मिलने वाले विकास बजट में देरी हो सकती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।












































