गोरखपुर। नवागत एडीएम सिटी गजेन्द्र कुमार ने नए कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों से निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस दो छह मंजिला भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से पहला भवन लगभग स्ट्रक्चर स्तर पर तैयार होने की स्थिति में है, जिसके बाद जल्द ही फिनिशिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन कोर्ट संबंधी कारणों से करीब एक वर्ष तक कार्य बाधित रहा।
परियोजना के तहत तैयार हो रहे इन भवनों में कुल 19 विभागों को एक ही परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। इससे आम जनता को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकांश कार्य एक ही स्थान पर आसानी से हो सकेंगे।
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कलेक्ट्रेट परिसर में देवांश इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। योजना के अनुसार छह मंजिला भवन के निर्माण पर लगभग 240 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें जिलाधिकारी कार्यालय, सभागार, पुलिस ऑफिस सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों को स्थानांतरित किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार डीपीआर के मुताबिक परिसर में एक साथ 500 चारपहिया और 500 दोपहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा 300 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। दोनों भवनों में कुल 14 लिफ्ट लगाने की योजना है, जिससे आवागमन में सुविधा रहेगी।
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अधिकारी भी मौजूद रहे। एडीएम सिटी ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और तय समयसीमा में कार्य को पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।










































