50 साल पुराने पुल की हालत जर्जर, हादसे की आशंका के बीच शुरू हुई मरम्मत

फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर स्थित पांचाल घाट गंगा पुल की जर्जर हालत एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। करीब 50 वर्ष पुराने इस महत्वपूर्ण पुल पर खुले पड़े ज्वाइंट्स और बाहर निकली सरिया ने राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग ने देर रात पुल पर बैरिकेडिंग कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू कराई।

यह पुल इटावा-बरेली नेशनल हाईवे की प्रमुख कड़ी माना जाता है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। लंबे समय से पुल की हालत खराब बनी हुई थी। पुल के नीचे से सरिया और लोहे के एंगल दिखाई देने लगे थे, जबकि ऊपर के हिस्से में बने दो ज्वाइंट बुरी तरह खुल चुके थे। कई जगहों पर सरिया बाहर निकल आई थी, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।

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स्थिति गंभीर होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सोमवार रात क्षतिग्रस्त ज्वाइंट्स को भरने का काम शुरू कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत खुले हिस्सों के पास लोहे के एंगल लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की गई ताकि वाहन उस ओर न जा सकें। इसके अलावा दूसरे खराब ज्वाइंट पर भी मरम्मत कर डिवाइडर रखवाए गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की मरम्मत केवल अस्थायी समाधान है। पुल की उम्र पूरी हो चुकी है और भारी वाहनों के लगातार दबाव के चलते इसकी स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। लोगों ने पुल की तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान की मांग उठाई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी पुल के ज्वाइंट क्षतिग्रस्त होने पर प्रशासन को यातायात बंद कर रूट डायवर्ट करना पड़ा था। उस दौरान करीब एक महीने तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर पुल की स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

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