बहराइच : बहराइच में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती करते हुए एंटी करप्शन टीम गोंडा ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीएससी कामन सेंटर और आधार सेवा केंद्र के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशुतोष पांडे (लखनऊ निवासी) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने रिश्वत न देने पर केंद्र बंद कराने की धमकी दी थी। भेष बदलकर की गई कार्रवाई में आरोपी नगर पालिका के पास रंगे हाथ पकड़ा गया।
आरोपी पर आरोप है कि वह केंद्र संचालकों से प्रतिमाह 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। रिश्वत न देने पर केंद्र बंद कराने की धमकी दे रहा था।
कैसे हुआ खुलासा और गिरफ्तारी
देहात कोतवाली क्षेत्र के बहादुर चक गांव के रहने वाले राजेंद्र कुमार ने एंटी करप्शन टीम गोंडा के निरीक्षक धनंजय सिंह को सूचना दी कि आशुतोष पांडे उनसे हर महीने 10 हजार रुपये मांग रहा है।
सूचना मिलते ही टीम ने मंगलवार को भेष बदलकर ऑपरेशन चलाया। नगर पालिका के पास आशुतोष पांडे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पूरे घटनाक्रम को नगर पालिका में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद कर लिया गया।
पुलिस कार्रवाई
निरीक्षक धनंजय सिंह ने बताया कि आरोपी आशुतोष पांडे के खिलाफ नगर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भेष बदलकर की गई कार्रवाई
टीम के सदस्यों ने आरोपी को शक न होने देने के लिए अपनी वेषभूषा बदल ली थी, जिसकी वजह से कार्रवाई सफल रही।
यह घटना आधार और सीएससी केंद्रों में चल रही रिश्वतखोरी की प्रवृत्ति को उजागर करती है। आम जनता को केंद्रों पर मिलने वाली सेवाओं में इस तरह की दबाव और रिश्वतखोरी की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन और एंटी करप्शन टीम इस मामले में और कितनी गहराई से जांच करती है तथा अन्य संदिग्धों तक भी पहुंचती है।










































