फर्रुखाबाद : फर्रुखाबाद के प्रमुख राम मनोहर लोहिया अस्पताल में व्यवस्थाएं तब चरमरा गईं जब सुबह से ही बिजली की आपूर्ति बाधित रही। 39 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों तक बत्ती गुल रहने से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि डॉक्टरों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर मरीजों का इलाज और अन्य जरूरी काम निपटाने पड़े।
मोबाइल की रोशनी में हुआ काम, हर विभाग प्रभावित
सुबह से ही अस्पताल में बिजली की आंख-मिचौली चलती रही, जिससे कभी 10 मिनट तो कभी आधे घंटे के लिए लगातार सप्लाई कट होती रही। इस अव्यवस्था के चलते पर्चा काउंटर, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे रूम, सीटी स्कैन और ब्लड बैंक जैसे सभी महत्वपूर्ण विभागों का कामकाज ठप पड़ गया। इमरजेंसी वार्ड में तो स्थिति और भी गंभीर दिखी, जहां स्टाफ को मरीजों की ड्रिप तक मोबाइल की टॉर्च जलाकर चेक करनी पड़ी।
वार्डों में छाया रहा अंधेरा, बेहाल हुए मरीज
फर्रुखाबाद का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। एक तरफ चिलचिलाती गर्मी और दूसरी तरफ बिजली न होने से वार्डों में अंधेरा और उमस फैल गई। बच्चा वार्ड में हालात सबसे ज्यादा हृदय विदारक थे, जहां परेशान परिजन अपने बीमार बच्चों को हाथ के पंखे से हवा करते नजर आए।
चूंकि की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलती है, इसलिए अस्पताल में फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों से आए मरीजों की भारी भीड़ थी, जिन्हें इस असुविधा का शिकार होना पड़ा। आखिरकार शाम करीब 3:00 बजे बिजली आपूर्ति सुचारू होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
जनरेटर भी हुआ फेल, एसी ने बढ़ाया लोड
अस्पताल में बिजली जाने पर बैकअप के लिए जनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन वह भी इस संकट में धोखा दे गया। कर्मचारियों के अनुसार, लगातार चलने और अत्यधिक गर्मी के कारण जनरेटर बार-बार गर्म हो रहा था, जिससे उसे बीच-बीच में बंद करना पड़ रहा था।
सीएमएस का बयान : 33 हजार की लाइन में थी दिक्कत
इस पूरे मामले पर लोहिया अस्पताल (पुरुष) के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि 33,000 वोल्ट की मुख्य लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली आपूर्ति में यह बड़ी बाधा उत्पन्न हुई।
जनरेटर के काम न करने के सवाल पर डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में एसी (AC) लगे हुए हैं, जिनका भारी लोड जनरेटर नहीं उठा पा रहा था। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए फिलहाल निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि सभी एसी को जनरेटर के कनेक्शन से हटा दिया जाए ताकि आपात स्थिति में जरूरी उपकरण सुचारू रूप से चलते रहें।










































