गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। गोरखपुर जिले में धान रोपाई की तैयारियां जोरों पर हैं। किसान वेहन (नर्सरी) डालने में व्यस्त हैं। इस महत्वपूर्ण कृषि कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने ईंधन और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलर्ट मोड में आ गया है।
डीएसओ ने तेल कंपनियों के साथ की बैठक
जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह ने इंडियन ऑयल (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हालत में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कमी नहीं होने दी जाए।
किसानों के लिए डीजल उपलब्धता सुनिश्चित
डीएसओ ने कहा कि धान रोपाई का समय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में डीजल की निरंतर उपलब्धता जरूरी है। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि पंप कभी “ड्राई” न होने पाएं। साथ ही गैस एजेंसियों को भी घरेलू सिलेंडरों की समयबद्ध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि एवं सिंचाई विभाग को सतर्क रहने के निर्देश
प्रशासन ने कृषि विभाग और सिंचाई विभाग को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को गांव-गांव जाकर स्थिति की निगरानी करने और किसानों को बीज, खाद, पानी और बिजली उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं आने देने को कहा गया है।
तेल कंपनियों का भरोसा
बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि गोरखपुर में डीजल, पेट्रोल और गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी। मांग बढ़ने पर अतिरिक्त सप्लाई की भी व्यवस्था की जा रही है।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह ने साफ चेतावनी दी कि यदि किसी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी में लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों और आम जनता की सुविधा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों में बढ़ा भरोसा
प्रशासन की इस सक्रियता से जिले के किसानों और आम लोगों में भरोसा बढ़ा है। धान रोपाई के मौसम में ईंधन और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होने से कृषि कार्य सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है।
यह संयुक्त प्रयास गोरखपुर जिले में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।














































