गोरखपुर विश्वविद्यालय में 20 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला शुरू, युवा कलाकारों को मिलेगा हुनर निखारने का मंच

गोरखपुर : राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।

दीप प्रज्वलन एवं कैनवास पर ॐ-स्वस्तिक से उद्घाटन

कार्यशाला का उद्घाटन गोरखपुर विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) प्रो. अनुभूति दुबे तथा ललित कला एवं संगीत विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. उषा सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर तथा कैनवास पर ॐ एवं स्वस्तिक की सुंदर आकृति बनाकर किया गया।

दो वर्गों में आयोजित कार्यशाला

कार्यशाला के संयोजक डॉ. प्रदीप साहनी ने बताया कि इस 20 दिवसीय कार्यशाला में दो वर्ग बनाए गए हैं।

– कनिष्क वर्ग (10 से 17 वर्ष): 15 प्रतिभागी
– युवा एवं वरिष्ठ वर्ग (18 वर्ष से अधिक): 54 से ज्यादा प्रतिभागी

कार्यशाला का उद्देश्य

डॉ. प्रदीप साहनी ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों के भीतर छिपी चित्रकारी प्रतिभा को कैनवास पर लाना है। 20 दिनों तक प्रतिभागियों को पारंपरिक चित्रकला, मिनिएचर पेंटिंग, लैंडस्केप पेंटिंग और मॉडर्न आर्ट जैसी विभिन्न विधाओं की बारीकियां सिखाई जाएंगी।

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मुख्य प्रशिक्षक

कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक ललित कला एवं संगीत विभाग के शोधार्थी शिवम कुमार गुप्ता तथा अभिषेक श्रीवास्तव होंगे।

प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रतिभा का विकास होगा

अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

विभागाध्यक्षा एवं तरंग प्रकोष्ठ की निदेशिका प्रो. उषा सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला से प्रतिभागियों की कला में निखार आएगा और वे भविष्य में इस विषय को अपने जीवन के साथ जोड़कर समाज एवं देश के लिए बेहतर कार्य करने में सक्षम होंगे।

राज्य ललित कला अकादमी का आभार

संयोजक डॉ. प्रदीप साहनी ने राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यशाला संभव हुई है।

उपस्थित प्रमुख लोग

कार्यक्रम में डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप राजोरिया, शोधार्थी पूजा चौधरी, आदित्य कुमार वर्मा, राजन भारती, अनेक छात्र-छात्राएं तथा कार्यशाला के प्रतिभागी उपस्थित रहे।

यह 20 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला गोरखपुर में कला प्रेमियों और युवा प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होने वाली है।

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